राजधानी देहरादून को मिले नए एसएसपी, प्रमेन्द्र सिंह डोभाल ने संभाली कमान
Dehradun, 14 February: राजधानी देहरादून में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के पद पर प्रमेन्द्र सिंह डोभाल ने औपचारिक रूप से कार्यभार ग्रहण कर लिया है। पदभार संभालने के तुरंत बाद आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट करते हुए कहा कि महिला सुरक्षा को मजबूत करना, कानून व्यवस्था को और प्रभावी बनाना तथा यातायात प्रबंधन में ठोस सुधार लाना उनकी शीर्ष प्राथमिकता रहेगी।
उन्होंने संकेत दिया कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए योजनाबद्ध रणनीति तैयार की जाएगी। पुलिस बल के मनोबल को ऊंचा रखने और उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि आमजन को बेहतर और त्वरित पुलिस सेवा मिल सके।
‘जीरो टॉलरेंस’ का संदेश
नव नियुक्त एसएसपी ने स्पष्ट कहा कि सामाजिक सौहार्द और धार्मिक समरसता को प्रभावित करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।
हरिद्वार में रहा प्रभावी कार्यकाल
देहरादून आने से पूर्व प्रमेन्द्र सिंह डोभाल हरिद्वार में तैनात रहे, जहां उनका कार्यकाल सख्त लेकिन संतुलित प्रशासनिक दृष्टिकोण के लिए जाना गया। उनके नेतृत्व में कानून व्यवस्था को मजबूती मिली और अपराधियों के खिलाफ स्पष्ट संदेश गया कि नियमों से समझौता संभव नहीं है।
अपराध नियंत्रण पर विशेष अभियान
हरिद्वार में तैनाती के दौरान संगठित अपराध, अवैध खनन, नशे के कारोबार और भूमि कब्जाने वाले गिरोहों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाए गए। कई कुख्यात अपराधियों की गिरफ्तारी से अपराध दर में गिरावट दर्ज की गई और आमजन में सुरक्षा का विश्वास मजबूत हुआ।
धार्मिक आयोजनों में कुशल प्रबंधन
धार्मिक रूप से संवेदनशील हरिद्वार में शांति और साम्प्रदायिक सद्भाव बनाए रखना बड़ी चुनौती होती है। त्योहारों और विशेष अवसरों पर सख्त निगरानी और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के जरिए शांति कायम रखी गई। विशाल कांवड़ यात्रा जैसे आयोजनों के दौरान यातायात और सुरक्षा प्रबंधन को व्यवस्थित रखना उनकी बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहा।
पुलिस बल के साथ सकारात्मक संवाद
उन्होंने विभागीय स्तर पर भी कई सकारात्मक पहल कीं। नियमित समीक्षा बैठकों, पारदर्शी कार्यशैली और प्रेरक संवाद के माध्यम से पुलिसकर्मियों के मनोबल को सुदृढ़ किया गया तथा टीमवर्क को बढ़ावा दिया गया।
लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं के बाद अब राजधानी नई जिम्मेदारी संभालते ही उनसे उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। महिला सुरक्षा, कानून व्यवस्था और यातायात सुधार को केंद्र में रखते हुए उन्होंने साफ संकेत दे दिया है कि अपराध और अव्यवस्था के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
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