स्वास्थ्य महाकुंभ: प्रदेशभर में 4604 शिविर, नि:शुल्क जांच, परामर्श और दवाइयां
Dehradun, 08 September: उत्तराखंड जल्द ही स्वास्थ्य सेवाओं का सबसे बड़ा जनअभियान देखने जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के नेतृत्व में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में “स्वास्थ्य पखवाड़ा” आयोजित किया जाएगा। इस महाकाय आयोजन की बागडोर स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने संभाल ली है। सोमवार को सचिवालय में उन्होंने अधिकारियों संग बैठक कर तैयारियों की गहन समीक्षा की और अभियान को प्रभावी बनाने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए।
प्रदेशभर में 4604 शिविर

स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि पूरे प्रदेश में 4604 स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे, जिनमें नि:शुल्क जांच, परामर्श और दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी। पिथौरागढ़ में 679, पौड़ी में 573, अल्मोड़ा में 522, टिहरी में 533, देहरादून में 425, जबकि हरिद्वार और नैनीताल में 367-367 शिविर आयोजित होंगे। इन शिविरों में गर्भवती महिलाओं, टीबी मरीजों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित रोगियों को विशेष परामर्श भी दिया जाएगा।
स्वास्थ्य सचिव के निर्देश
डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान की मॉनिटरिंग सख्ती से की जाए, अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित हो और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी अनिवार्य हो।
पखवाड़े की विशेष पहल
- प्रत्येक शिविर में बड़े पैमाने पर रक्तदान शिविर
- मेडिकल कॉलेजों के छात्र, डॉक्टर व स्टाफ की सक्रिय भागीदारी
- प्रमुख अस्पतालों में हेल्थ डेस्क, जहां सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलेगी
- सभी जिलों को मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी होगी
- हृदय, मधुमेह, स्त्री रोग, बाल रोग आदि के विशेषज्ञ CHC स्तर तक सेवाएं देंगे
- अन्य विभागों और निजी स्वास्थ्य संस्थानों की भागीदारी
- मेडिकल कॉलेजों के विशेषज्ञ चिकित्सकों की ग्रामीण शिविरों में ड्यूटी सुनिश्चित
- “निक्षय मित्र” पहल के तहत जनप्रतिनिधियों को टीबी मरीजों से जोड़ा जाएगा
- ‘स्वस्थ उत्तराखंड’ की ओर कदम
स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि यह पखवाड़ा केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी का उत्सव है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के नेतृत्व में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं लगातार सशक्त हो रही हैं।

