UAE, सऊदी समेत 7 देशों में CBSE बोर्ड परीक्षा स्थगित, बोर्ड करेगा समीक्षा

Digital news illustration showing “CBSE Exams Postponed in Middle East” headline, worried students in school uniforms, an official exam notice in hand, and Middle Eastern skyline in the background symbolizing uncertainty over board exams.

मिडिल ईस्ट में CBSE बोर्ड परीक्षा स्थगित: UAE, सऊदी समेत 7 देशों के छात्रों पर असर, बोर्ड करेगा 3 मार्च को समीक्षा

New Delhi/Dehradun, 01 March: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने मिडिल ईस्ट के कई देशों में कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। बोर्ड द्वारा 1 मार्च 2026 को जारी सर्कुलर के अनुसार सोमवार, 2 मार्च 2026 को निर्धारित कक्षा 10 और 12 की परीक्षाएँ फिलहाल स्थगित कर दी गई हैं।

बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला मिडिल ईस्ट के कुछ देशों में मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए लिया गया है। इन देशों में बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) शामिल हैं, जहाँ बड़ी संख्या में CBSE से संबद्ध भारतीय स्कूल संचालित होते हैं।

UAE सहित 7 देशों में CBSE बोर्ड परीक्षा टली
UAE सहित 7 देशों में CBSE बोर्ड परीक्षा टली

आदेश में क्या कहा गया है?

CBSE के आधिकारिक नोटिस के अनुसार, 2 मार्च को होने वाली परीक्षाएँ रद्द नहीं बल्कि स्थगित की गई हैं।
बोर्ड ने कहा है कि नई परीक्षा तिथियों की घोषणा बाद में की जाएगी।

साथ ही बोर्ड ने यह भी बताया है कि वह 3 मार्च 2026 को स्थिति की समीक्षा करेगा और 5 मार्च से आगे निर्धारित परीक्षाओं के संबंध में आगे का निर्णय लिया जाएगा।

छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अपने स्कूलों और CBSE की आधिकारिक घोषणाओं पर नजर बनाए रखें।

किन देशों के छात्र प्रभावित?

मिडिल ईस्ट में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र CBSE बोर्ड से पढ़ाई करते हैं। जिन देशों में यह फैसला लागू होगा उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • संयुक्त अरब अमीरात (UAE)

  • सऊदी अरब

  • कतर

  • कुवैत

  • ओमान

  • बहरीन

  • ईरान

इन देशों में हर साल हजारों छात्र कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षा में शामिल होते हैं, इसलिए इस फैसले का असर व्यापक माना जा रहा है।

छात्रों के भविष्य पर क्या असर?

1. 12वीं के छात्रों पर सीधा प्रभाव
कक्षा 12 के बोर्ड परिणाम उच्च शिक्षा में प्रवेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। परीक्षा टलने से कुछ विश्वविद्यालयों की प्रवेश समय-सीमा प्रभावित हो सकती है।

2. पुनर्परीक्षा या वैकल्पिक मूल्यांकन की संभावना
यदि परीक्षा आगे आयोजित नहीं हो पाती, तो बोर्ड विशेष परीक्षा, नई तारीखें या आंतरिक मूल्यांकन जैसे विकल्पों पर विचार कर सकता है।

3. विदेश में परीक्षा संचालन की चुनौती
भारत से बाहर बोर्ड परीक्षाओं का संचालन स्थानीय प्रशासन, सुरक्षा और लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं पर निर्भर करता है। किसी भी असामान्य परिस्थिति के कारण परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ सकता है।

छात्रों को क्या करना चाहिए?

  • अपने स्कूल प्रशासन और CBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित अपडेट देखें

  • प्रवेश प्रक्रियाओं और दस्तावेज़ों को तैयार रखें

  • पढ़ाई जारी रखें, क्योंकि पुनर्परीक्षा की संभावना बनी हुई है

मिडिल ईस्ट में CBSE परीक्षाओं के स्थगन का यह फैसला केवल एक प्रशासनिक सूचना नहीं है, बल्कि इससे हजारों प्रवासी भारतीय छात्रों और उनके परिवारों की शैक्षणिक योजनाओं पर प्रभाव पड़ सकता है।

अब सभी की निगाहें CBSE की अगली आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि स्थगित परीक्षाएं कब और किस रूप में आयोजित की जाएंगी।

#TheIndiaVox

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Chief Editor

Ravi Priyanshu

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