दिनदहाड़े हत्याओं से बढ़ी चिंता, कानून-व्यवस्था पर सरकार से जवाब की मांग
Dehradun, 16 February: आमजन की सुरक्षा और कानून के राज को लेकर उठती चिंताओं के बीच आज राजधानी में बड़ा राजनीतिक प्रदर्शन देखने को मिला। हाल के दिनों में हुई जघन्य हत्याओं और बढ़ते अपराधों को जनहित का गंभीर मुद्दा बताते हुए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने राजभवन कूच किया। परेड मैदान में सुबह से ही हजारों कार्यकर्ता एकत्र हुए और प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में जुलूस निकाला गया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से कानून-व्यवस्था पर स्पष्ट और ठोस जवाब मांगा।

“भय के साये में जी रहा आमजन”
सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि राजधानी देहरादून सहित कई जिलों में दिनदहाड़े हुई हत्याओं ने जनता के मन में असुरक्षा की भावना गहरा दी है। कांग्रेस का दावा है कि बीते पंद्रह दिनों में विभिन्न स्थानों पर पांच गंभीर हत्याएं हुईं, पर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी है। वक्ताओं ने इसे प्रशासनिक ढिलाई और अपराधियों के बढ़ते मनोबल से जोड़ा।
सरकार पर तीखा प्रहार
चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह और चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने कहा कि “देवभूमि” कहे जाने वाले राज्य में अपराधों का बढ़ना चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार अपराध नियंत्रण में अपेक्षित कठोरता नहीं दिखा पा रही है, जिससे कानून का भय कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है।

कांग्रेस की प्रमुख मांगें
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पुलिस-प्रशासन के समक्ष निम्न मांगें रखीं—
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संवेदनशील और अपराध-प्रवण क्षेत्रों में विशेष सघन अभियान चलाया जाए।
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संगठित अपराध एवं हिस्ट्रीशीटर अपराधियों पर कठोर कार्रवाई हो।
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प्रत्येक गंभीर आपराधिक घटना की समयबद्ध और उच्चस्तरीय जांच सुनिश्चित की जाए।
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पुलिस प्रशासन की जवाबदेही तय कर लापरवाही पर सख्त अनुशासनात्मक कदम उठाए जाएं।
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आमजन में सुरक्षा की भावना स्थापित करने हेतु प्रभावी और दृश्यमान उपाय किए जाएं।
आंदोलन की चेतावनी
नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए गए तो कांग्रेस चरणबद्ध और उग्र आंदोलन शुरू करेगी। उनका कहना है कि यह संघर्ष राजनीतिक नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा और न्याय की बहाली का प्रश्न है।
राजभवन कूच में विधायक, पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक, जिला एवं महानगर अध्यक्षों सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। परेड मैदान में उमड़ी भीड़ और गूंजते नारों ने संकेत दिया कि कानून-व्यवस्था का मुद्दा अब प्रदेश की राजनीति के केंद्र में आ चुका है। अब निगाहें इस पर हैं कि सरकार विपक्ष के आरोपों का क्या जवाब देती है और जनता के भरोसे को बहाल करने के लिए कौन से ठोस कदम उठाए जाते हैं।
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