देहरादून को मिलेगा नया आढ़त बाजार, नवंबर से शुरू पुनर्विकास प्रक्रिया

देहरादून को मिलेगा नया आढ़त बाजार, नवंबर से शुरू पुनर्विकास प्रक्रिया

ट्रैफिक मुक्त और आधुनिक बनेगा आढ़त बाजार, नवंबर से शुरू होगी योजना

Dehradun, 16 October: मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में बुधवार को आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्राधिकरण अधिकारियों के साथ आढ़त बाजार एसोसिएशन के पदाधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में परियोजना की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई और आगे की कार्ययोजना तय की गई।

अधिकांश कार्य प्राधिकरण स्तर पर पूरा

लेखपाल नजीर अहमद ने बताया कि परियोजना से जुड़ा अधिकांश कार्य प्राधिकरण स्तर पर पूरा किया जा चुका है। बैठक में निर्णय लिया गया कि पुराने आढ़त बाजार के संपत्ति मालिक अपनी संपत्तियों को रजिस्ट्री के माध्यम से लोक निर्माण विभाग (PWD) को हस्तांतरित करेंगे। साथ ही, भूखंड आवंटन और नकद प्रतिकर की प्रक्रिया 3 नवंबर 2025 से समानांतर रूप से प्रारंभ होगी। यह भी तय किया गया कि रजिस्ट्री के 15 दिन के भीतर पुराने निर्माणों को स्वेच्छा से ध्वस्त किया जाएगा और छह माह के भीतर नए परिसर में निर्माण कार्य पूर्ण किया जाएगा।

मॉडल प्रोजेक्ट बनेगा आढ़त बाजार पुनर्विकास

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि यह परियोजना देहरादून के लिए एक मॉडल प्रोजेक्ट साबित होगी। उन्होंने कहा कि सभी प्रभावित व्यापारियों का पुनर्वास सम्मानजनक और पारदर्शी तरीके से किया जाएगा ताकि किसी के हितों को नुकसान न हो।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नए आवंटित भूखंडों का क्रय-विक्रय 10 वर्षों तक प्रतिबंधित रहेगा, जिससे परियोजना के मूल उद्देश्य को दीर्घकाल तक सुरक्षित रखा जा सके।

तिवारी ने बताया कि आढ़त बाजार के चौड़ीकरण के लिए लेफ्ट और राइट साइड की दो अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। यह पुनर्विकास न केवल व्यापारिक गतिविधियों को सशक्त बनाएगा, बल्कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को भी सुव्यवस्थित करेगा। उन्होंने कहा कि सहारनपुर चौक से प्रिंस चौक तक लगने वाले जाम से इस परियोजना के पूरा होने पर बड़ी राहत मिलेगी।

देहरादून के सुनियोजित विकास की दिशा में कदम

प्राधिकरण सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि यह परियोजना देहरादून के सुनियोजित विकास की दिशा में एमडीडीए की महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य पारंपरिक व्यापारिक ढांचे को आधुनिक स्वरूप देना और व्यापारियों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक कार्यस्थल उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि भूखंड आवंटन और प्रतिकर वितरण की प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी होगी और किसी भी व्यापारी को पुनर्वास से वंचित नहीं रखा जाएगा।

बैठक में संयुक्त सचिव गौरव चटवाल, वित्त नियंत्रक संजीव कुमार, अधीक्षण अभियंता सुनील कुमार, सीओ जगदीश चंद्र पंत, PWD अधिकारियों, तथा आढ़त बाजार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र गोयल और सचिव विनोद गोयल सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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