नृत्य में राग, राग में भक्ति: शिंजिनी का जादू ‘विरासत’ पर छाया

शिंजिनी की भावपूर्ण प्रस्तुति ने किया मंत्र मुग्ध

शिंजिनी के कदमों में भक्ति की थिरकन से विरासत में गूंजी कत्थक की आत्मा

Dehradun, 16 October: विरासत के मंच पर बीती शाम भक्ति, लय और नृत्य का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सुविख्यात कत्थक नृत्यांगना शिंजिनी कुलकर्णी ने अपनी भावपूर्ण एवं लयबद्ध प्रस्तुति ने पूरे सभागार को साध लिया।

शिंजिनी की भावपूर्ण प्रस्तुति ने किया मंत्र मुग्ध
शिंजिनी की भावपूर्ण प्रस्तुति ने किया मंत्र मुग्ध

कार्यक्रम की शुरुआत शिंजिनी की वंदना प्रस्तुति से हुई। नृत्य की हर मुद्रा, हर घूम में भक्ति की गहराई थी। संगत में तबले पर पंडित शुभ महाराज और पंडित योगेश गंगानी, हारमोनियम पर जयवर्धन दाधीच, सारंगी पर वारिस खान, पखावज पर सलमान वारसी, और पद्धांत पर आर्यव आनंद ने सुर और ताल का ऐसा समन्वय रचा कि माहौल भक्तिमय हो उठा।

कालका बिंदादीन घराने की नवमी पीढ़ी और पंडित बिरजू महाराज की पोती शिंजिनी ने कहा कि हमारे घर में सीखना एक संस्कार है। उन्होंने मात्र तीन वर्ष की आयु में कथक की शिक्षा आरंभ की और अपने दादा से सीखा कि नृत्य केवल कला नहीं, साधना है।

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कत्थक नृत्यांगना शिंजिनी कुलकर्णी ने बांधा समां
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कार्यक्रम के दूसरे खंड में शिंजिनी ने ‘लक्ष्य’ नामक रचना प्रस्तुत की, जो सूर्य की खोज और आत्मप्रकाश का प्रतीक थी। उनकी अभिव्यक्ति और गतिशीलता ने दर्शकों को भीतर तक छू लिया। समापन एक भावप्रधान ठुमरी से हुआ, जिसमें उनकी सूक्ष्म अभिव्यक्ति और नृत्य कौशल की झलक ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

शिंजिनी ने अपनी प्रस्तुति में पंडित राजन-साजन मिश्र, डागर बंधु, और पंडित जसराज जैसी दिग्गज आवाज़ों की भक्ति रचनाओं को सम्मिलित किया। उन्होंने खजुराहो, कालिदास, चक्रधर और ताज महोत्सव जैसे प्रतिष्ठित मंचों पर प्रदर्शन कर देश-विदेश में भारतीय शास्त्रीय नृत्य की प्रतिष्ठा को नई ऊँचाई दी है।

शिंजिनी को तराना फाउंडेशन का युवा प्रतिभा पुरस्कार, नृत्य शिरोमणि उपाधि, तथा परंपरा सम्मान (जयपुर) से सम्मानित किया जा चुका है। जब अंतिम तालयुक्त कदम थमे, सभागार देर तक तालियों से गूंजता रहा। शाम जैसे एक याद बन गई, जहाँ नृत्य ने भक्ति को छुआ, और दर्शकों ने आत्मा की आवाज़ सुनी।

 

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Ravi Priyanshu

Ravi Priyanshu is a journalist, novelist, and Founder & Editor-in-Chief of The India Vox. With 23+ years of experience, he is dedicated to credible journalism and meaningful storytelling.

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