Ajinkya Rahane Retirement: 15 साल के शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर का अंत
New Delhi | July 30, 2026
भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज़ों में शामिल अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। अपने शांत स्वभाव, अनुशासित बल्लेबाज़ी और मुश्किल परिस्थितियों में टीम के लिए खड़े रहने वाले रहाणे ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा करते हुए अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को विराम देने का फैसला सुनाया। उनके इस ऐलान के साथ भारतीय टेस्ट क्रिकेट के एक यादगार अध्याय का समापन हो गया।
रहाणे ने अपने संदेश में लिखा कि देश के लिए खेलना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा। उन्होंने अपने परिवार, कोचों, साथियों, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और करोड़ों प्रशंसकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब आगे बढ़ने का सही समय है।
15 साल का यादगार सफर
अजिंक्य रहाणे ने भारत के लिए साल 2011 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। अपने करियर में उन्होंने 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 5,077 रन, 12 शतक और 26 अर्धशतक दर्ज हैं। विदेशी सरज़मीं पर उनकी बल्लेबाज़ी को हमेशा विशेष सम्मान मिला, क्योंकि उन्होंने इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और न्यूज़ीलैंड जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भारत के लिए कई अहम पारियां खेलीं।
गाबा की जीत ने बनाया अमर
अजिंक्य रहाणे के करियर का सबसे सुनहरा पल 2020-21 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी रही। एडिलेड टेस्ट में भारत के सिर्फ 36 रन पर ऑलआउट होने और नियमित कप्तान विराट कोहली की अनुपस्थिति के बाद रहाणे ने टीम की कमान संभाली।
मेलबर्न टेस्ट में उनका शानदार शतक और पूरी श्रृंखला के दौरान शांत नेतृत्व भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है। ब्रिस्बेन के गाबा मैदान पर ऑस्ट्रेलिया का 32 वर्षों से चला आ रहा अजेय रिकॉर्ड टूट गया और भारत ने 2-1 से ऐतिहासिक सीरीज़ अपने नाम की। इस जीत ने रहाणे को भारतीय क्रिकेट के सबसे सम्मानित कप्तानों में शामिल कर दिया।
हमेशा टीम को रखा सबसे ऊपर
अजिंक्य रहाणे कभी सुर्खियों के खिलाड़ी नहीं रहे, लेकिन जब भी टीम मुश्किल में होती थी, उनका बल्ला अक्सर जिम्मेदारी निभाता था। लॉर्ड्स, मेलबर्न, जोहान्सबर्ग और किंग्स्टन जैसे मैदानों पर खेली गई उनकी पारियां आज भी भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के ज़ेहन में ताज़ा हैं।
उनकी बल्लेबाज़ी में धैर्य, तकनीक और संयम साफ दिखाई देता था। यही वजह रही कि उन्हें भारतीय टेस्ट टीम का सबसे भरोसेमंद मध्यक्रम बल्लेबाज़ माना गया।
वापसी की कोशिश जारी रही
2023 में आखिरी बार भारतीय टीम के लिए खेलने के बाद रहाणे लगातार घरेलू क्रिकेट में सक्रिय रहे। रणजी ट्रॉफी और अन्य घरेलू प्रतियोगिताओं में उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन राष्ट्रीय टीम में दोबारा जगह नहीं बना सके। लंबे इंतज़ार के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया।
क्रिकेट प्रेमियों ने दी भावुक विदाई
रहाणे के संन्यास की घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर क्रिकेट प्रशंसकों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। कई लोगों ने उन्हें “गाबा का हीरो”, “भारत का सबसे शांत कप्तान” और “विदेशी सरज़मीं का भरोसेमंद बल्लेबाज़” बताते हुए उनके योगदान को याद किया। क्रिकेट समुदाय में भी उनके शांत नेतृत्व और टीम भावना की खूब सराहना हुई।
Ajinkya Rahane: करियर एक नजर में
- कुल अंतरराष्ट्रीय मैच: 195
- टेस्ट मैच: 85
- वनडे मैच: 90
- टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच: 20
- कुल अंतरराष्ट्रीय रन: 8,414
- कुल शतक: 15
- कुल अर्धशतक: 51
- टेस्ट रन: 5,077 (12 शतक, 26 अर्धशतक)
- वनडे रन: 2,962 (3 शतक, 24 अर्धशतक)
- टी20 अंतरराष्ट्रीय रन: 375 (1 अर्धशतक)
- सबसे बड़ी उपलब्धि: 2020-21 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारत को ऐतिहासिक बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जिताई।
- अंतरराष्ट्रीय पदार्पण: 2011
- अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास: 30 जुलाई 2026
भारतीय क्रिकेट में हमेशा याद रहेंगे रहाणे
अजिंक्य रहाणे का करियर आंकड़ों से कहीं अधिक उनकी सोच, नेतृत्व और टीम के प्रति समर्पण के लिए याद किया जाएगा। उन्होंने यह साबित किया कि बड़े खिलाड़ी केवल रिकॉर्ड से नहीं, बल्कि कठिन समय में निभाई गई जिम्मेदारियों से पहचाने जाते हैं।
भले ही उनका अंतरराष्ट्रीय सफर समाप्त हो गया हो, लेकिन मेलबर्न की वह शतकीय पारी, गाबा की ऐतिहासिक जीत और भारतीय क्रिकेट के लिए उनका योगदान हमेशा सुनहरे अक्षरों में दर्ज रहेगा।
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