PM Modi Indonesia Visit: राष्ट्रपति प्रबोवो ने एयरपोर्ट पर किया स्वागत, ‘बिंटांग आदिपूर्णा’ सम्मान से नवाजे गए; रक्षा, व्यापार और डिजिटल सहयोग पर कई अहम समझौते
New Delhi | July 07, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडोनेशिया दौरे की शुरुआत ऐतिहासिक अंदाज में हुई। जकार्ता पहुंचने पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो स्वयं एयरपोर्ट पहुंचे और उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान इंडोनेशियाई वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने प्रधानमंत्री के विमान को इंडोनेशिया के हवाई क्षेत्र में एस्कॉर्ट किया, जो विशेष राजकीय सम्मान का प्रतीक माना जाता है।
राजकीय स्वागत के बाद राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बिंटांग आदिपूर्णा ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान भारत और इंडोनेशिया के बीच मजबूत होते रणनीतिक संबंधों तथा वैश्विक स्तर पर प्रधानमंत्री मोदी के योगदान को देखते हुए प्रदान किया गया। सम्मान स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री ने इसे भारत के 140 करोड़ नागरिकों और दोनों देशों की मित्रता को समर्पित किया।

प्रधानमंत्री मोदी तीन देशों की राजनयिक यात्रा पर हैं और इंडोनेशिया इस दौरे का पहला पड़ाव है। वर्ष 2018 में भारत और इंडोनेशिया के संबंधों को ‘कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा मिलने के बाद यह उनकी पहली द्विपक्षीय राजकीय यात्रा है। इस दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को “नए सुनहरे अध्याय” में प्रवेश कराने की प्रतिबद्धता दोहराई।
रक्षा सहयोग पर रहेगा फोकस
दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति बनी। चर्चा के दौरान भारत में विकसित ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सहित रक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत के रक्षा निर्यात को नई गति मिल सकती है।
UPI और डिजिटल सहयोग को मिलेगी रफ्तार
बैठक में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, फिनटेक और डिजिटल भुगतान व्यवस्था को मजबूत बनाने पर भी चर्चा हुई। भारत के UPI और इंडोनेशिया के QRIS सिस्टम के बीच सहयोग बढ़ने से भविष्य में भारतीय पर्यटकों और कारोबारियों के लिए डिजिटल भुगतान पहले से अधिक आसान हो सकता है।
व्यापार, निवेश और खनिज संसाधनों पर भी चर्चा
दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य, शिक्षा, समुद्री सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। इलेक्ट्रिक व्हीकल उद्योग के लिए अहम निकल (Nickel) समेत खनिज संसाधनों की सप्लाई चेन मजबूत करने पर भी बातचीत हुई।
भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति को मिलेगी मजबूती
विशेषज्ञों के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा केवल कूटनीतिक औपचारिकता नहीं, बल्कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की रणनीतिक मौजूदगी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है। रक्षा, व्यापार, डिजिटल तकनीक और समुद्री सुरक्षा में बढ़ता सहयोग आने वाले वर्षों में भारत-इंडोनेशिया संबंधों को नई ऊंचाई देने वाला माना जा रहा है।
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