दीक्षांत केवल डिग्री नहीं, आत्मबोध से राष्ट्रबोध की यात्रा: राज्यपाल गुरमीत सिंह

दीक्षांत केवल डिग्री नहीं, आत्मबोध से राष्ट्रबोध की यात्रा: राज्यपाल गुरमीत सिंह

दीक्षांत से राष्ट्रबोध तक: कोर विश्वविद्यालय में राज्यपाल का प्रेरक संबोधन

कोर विश्वविद्यालय के दूसरे दीक्षांत समारोह में युवाओं से राष्ट्र निर्माण और नवाचार का आह्वान

Dehradun, 17 February: उच्च शिक्षा केवल व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की दिशा तय करने वाली शक्ति है। जब युवा डिग्री लेकर जीवन के नए पड़ाव पर कदम रखते हैं, तब उनसे केवल करियर नहीं, बल्कि जिम्मेदारी, चरित्र और राष्ट्रनिर्माण की अपेक्षा भी जुड़ जाती है। इसी संदेश के साथ प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने मंगलवार को कोर विश्वविद्यालय, रुड़की के दूसरे दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित किया।

राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी प्राप्त करना नहीं होना चाहिए, बल्कि आत्मनिर्भरता, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार सृजक बनने और स्टार्टअप संस्कृति को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

“राष्ट्र सर्वोपरि” को जीवन मंत्र बनाने की अपील

राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत के बाद विद्यार्थियों की जिम्मेदारियां और बढ़ जाती हैं। “आज से आप केवल विद्यार्थी नहीं, बल्कि राष्ट्र के निर्माता हैं।” उन्होंने युवाओं से अपने जीवन में “राष्ट्र सर्वोपरि” के मंत्र को आत्मसात करने और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का मार्ग केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि जागरूक और प्रतिबद्ध युवाओं के संकल्प से प्रशस्त होगा।

तकनीक और परंपरा के संतुलन पर जोर

अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान समय तकनीक और नवाचार का युग है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, स्पेस टेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा, सेमीकंडक्टर और नैनो टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में युवाओं को आधुनिक तकनीकी दक्षता के साथ भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक मूल्यों और चरित्र निर्माण को भी समान महत्व देना चाहिए।

विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना

राज्यपाल ने विश्वविद्यालय द्वारा शोध, नवाचार, उद्योगों के साथ एमओयू और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों, विशेषकर स्वर्ण पदक विजेताओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

दीक्षांत समारोह में ‘सेठ रोशन लाल जैन ट्रॉफी’ तीन विद्यार्थियों को प्रदान की गई —

  • आयुषी पंवार (बी.कॉम ऑनर्स, 2022–25) को विश्वविद्यालय स्तर पर सर्वाधिक 9.9 सीजीपीए के लिए,
  • डोना चौहान (डिप्लोमा इन सिविल इंजीनियरिंग, 2023–25) को 9.16 सीजीपीए के लिए,
  • हनी चौधरी (एमसीए, 2023–25) को 9.5 सीजीपीए के लिए।

समारोह की अध्यक्षता यूनिवर्सिटी रजिस्ट्रार डॉ. अजय शर्मा ने की। ग्लोबल टेलीकॉम एंड एजुकेशन एसोसिएशन के चेयरमैन प्रो. एन.के. गोयल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रेसिडेंट जे.सी. जैन, वाइस प्रेसिडेंट डॉ. श्रेयांश जैन, प्रो-वाइस चांसलर डॉ. चिन्नेयान रामासुब्रमण्यम, फैकल्टी सदस्य और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

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