रबी सीजन से पहले किसानों के लिए बड़ी पहल, कृभको ने किया 13,111 क्विंटल गेहूं बीज का उत्पादन
देहरादून | 27 अक्टूबर, 2026
रबी सीजन की तैयारियों के बीच भारतीय कृषक उर्वरक सहकारी लिमिटेड (कृभको) उत्तराखंड में किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, संतुलित उर्वरक उपयोग और मृदा स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चला रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में कृभको की रुद्रपुर स्थित बीज प्रसंस्करण इकाई ने 13,111.20 क्विंटल गेहूं बीज का उत्पादन किया। संस्था किसान बैठकों, फसल संगोष्ठियों और मृदा परीक्षण अभियानों के माध्यम से वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने पर भी जोर दे रही है।
संतुलित उर्वरक उपयोग और मृदा परीक्षण पर जोर
फोरम फॉर इंडियन जर्नलिस्ट्स ऑन एजुकेशन, एनवायरनमेंट, हेल्थ एंड एग्रीकल्चर (FIJEEHA) की ओर से ग्रेमैटर्स कम्युनिकेशंस एंड कंसल्टिंग के सहयोग से आयोजित मीडिया कार्यशाला में कृभको के उत्तराखंड राज्य विपणन प्रबंधक जाबेर सिंह ने संस्था की गतिविधियों और किसान हित से जुड़ी पहलों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि किसानों को फसल की जरूरत के अनुसार उर्वरकों के इस्तेमाल, मिट्टी की जांच और मृदा स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कृभको ने 285 प्रतिभागियों की भागीदारी के साथ तीन फसल संगोष्ठियां आयोजित कीं। इन कार्यक्रमों में कृभको के उत्पादों और गेहूं की विभिन्न किस्मों की जानकारी दी गई।
इसके अलावा, संतुलित उर्वरक उपयोग, मिट्टी के नमूने लेने की सही विधि और मृदा परीक्षण के महत्व पर जागरूकता बढ़ाने के लिए 14 किसान बैठकें आयोजित की गईं। जिंक और तरल जैव उर्वरकों के उपयोग को लेकर प्रदर्शनियां भी लगाई गईं, ताकि किसानों को फसल पोषण और मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने के व्यावहारिक तरीकों की जानकारी मिल सके।
पांच साल में उत्तराखंड में 14,826 मिट्टी के नमूनों की जांच
कृभको के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2021-22 से 2025-26 के बीच उत्तराखंड में वृहद पोषक तत्वों की जांच के लिए 14,826 और सूक्ष्म पोषक तत्वों की जांच के लिए 16,152 मिट्टी के नमूने जांचे गए।
इस अवधि में संस्था ने राज्य में 5,391 किसान बैठकें, 1,188 फसल प्रदर्शन और 1,167 खेत दिवस आयोजित किए। सहकारिता को मजबूत करने के उद्देश्य से 951 सहकारी समितियों को अपनाया गया और 791 सहकारिता सम्मेलनों का आयोजन किया गया। कृषि से जुड़ी तकनीकी जानकारी किसानों और अन्य हितधारकों तक पहुंचाने के लिए 44.76 लाख इकाइयों में तकनीकी साहित्य का वितरण भी किया गया।
देशभर में 17.71 लाख किसान लाभार्थियों तक पहुंच
कृभको के मुताबिक, वित्त वर्ष 2021-22 से 2025-26 के बीच देशभर में 24,559 कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनसे 17.71 लाख किसान लाभार्थी जुड़े। संस्था ने कृषि जागरूकता के साथ-साथ वृक्षारोपण, स्वास्थ्य सेवाओं, पशु चिकित्सा और आय सृजन से जुड़ी ग्रामीण विकास गतिविधियों के माध्यम से भी समुदायों तक पहुंच बनाने का प्रयास किया।
किसानों तक वैज्ञानिक जानकारी पहुंचाना प्राथमिकता
कृभको के उत्तराखंड राज्य विपणन प्रबंधक जाबेर सिंह ने कहा कि संस्था का उद्देश्य कृषि से जुड़ी उपयोगी जानकारी सीधे किसानों तक पहुंचाना है। उन्होंने संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा परीक्षण और बेहतर कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए किसानों तथा सहकारी संस्थाओं के साथ लगातार काम करने की प्रतिबद्धता जताई।
वहीं, FIJEEHA के अध्यक्ष डॉ. नवनीत आनंद ने कहा कि कृषि विकास में किसान शिक्षा की अहम भूमिका है। मृदा परीक्षण, खेत प्रदर्शन और किसानों के साथ सीधा संवाद तकनीकी जानकारी को व्यावहारिक ज्ञान में बदलने में मदद करते हैं। उन्होंने टिकाऊ कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मीडिया की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।
मीडिया कार्यशाला में कृभको के प्रतिनिधियों और पत्रकारों ने उत्तराखंड में बीज उत्पादन, मृदा स्वास्थ्य और किसान शिक्षा से जुड़ी पहलों पर चर्चा की। इसका उद्देश्य किसानों के हित में संचालित कार्यक्रमों और कृषि क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी व्यापक स्तर पर पहुंचाना रहा।
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