चार शिविरों में दिव्यांगजनों का स्वास्थ्य परीक्षण कर जारी किए गए प्रमाण पत्र, सहायक उपकरणों के लिए पात्रों का चिह्नीकरण और UDID कार्ड के लिए पंजीकरण भी पूरा
देहरादून | 30 अक्टूबर, 2026
दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं और आवश्यक सुविधाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से देहरादून जिले में आयोजित विशेष दिव्यांग शिविरों के माध्यम से 150 लोगों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की पहल पर आयोजित इन शिविरों में दिव्यांगजनों का स्वास्थ्य परीक्षण करने के साथ ही उन्हें सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए चिह्नित किया गया। इसके अलावा UDID (विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र) के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया भी पूरी की गई।
जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिडियाल के अनुसार, अक्टूबर माह में जिले के विभिन्न विकासखंडों और क्षेत्रों में चार विशेष दिव्यांग शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों के माध्यम से कुल 150 दिव्यांगजनों को प्रमाण पत्र जारी किए गए।
चार शिविरों में 150 दिव्यांगजनों को मिला लाभ
आयोजित शिविरों का विवरण इस प्रकार है:
- 21 अक्टूबर: गांधी शताब्दी अस्पताल, विकासखंड रायपुर में 31 दिव्यांगजनों को प्रमाण पत्र जारी किए गए।
- 22 अक्टूबर: विकासखंड डोईवाला परिसर में आयोजित शिविर में 39 लोगों को प्रमाण पत्र मिले।
- 23 अक्टूबर: राजकीय इंटर कॉलेज मेहूंवाला परिसर, शिमला बाईपास में 26 दिव्यांगजनों को प्रमाण पत्र जारी किए गए।
- 26 अक्टूबर: रियांश रिजॉर्ट, शिमला बाईपास रोड, सींगनिवाला के समीप शेरपुर में आयोजित शिविर में 54 लोगों को प्रमाण पत्र दिए गए।
सहायक उपकरणों के लिए भी किया गया चिह्नीकरण
शिविरों का आयोजन स्वास्थ्य विभाग और जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के सहयोग से किया गया। इस दौरान दिव्यांगजनों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनकी दिव्यांगता की जांच की गई। निर्धारित चिकित्सकीय प्रक्रिया के बाद पात्र लोगों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किए गए।
वहीं, प्रधानमंत्री दिव्यांग सहायता केंद्र के माध्यम से स्वास्थ्य परीक्षण के बाद पात्र दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए भी चिह्नित किया गया।
UDID कार्ड के लिए ऐसे होती है प्रक्रिया
दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए आवेदकों को UDID पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना होता है। इसके बाद संबंधित चिकित्सकों द्वारा दिव्यांगता की जांच की जाती है। चिकित्सकीय परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) की ओर से दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किया जाता है।
जिला प्रशासन के अनुसार, जिलाधिकारी के दिशा-निर्देशन में आयोजित इन विशेष शिविरों का उद्देश्य दिव्यांगजनों को एक ही स्थान पर स्वास्थ्य परीक्षण, दिव्यांगता प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया आसान हो सके।
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