UP पंचायत चुनाव पर बड़ा अपडेट: अप्रैल–मई में चुनाव मुश्किल!
विधानसभा चुनाव के बाद हो सकती है प्रक्रिया!
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। राज्य में अप्रैल–मई 2026 में चुनाव कराए जाने की संभावनाएँ अब कमजोर पड़ती नजर आ रही हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, चुनाव कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जा सकता है और अब यह पूरी प्रक्रिया विधानसभा चुनाव के बाद कराए जाने की संभावना है।
मतदाता सूची बनी सबसे बड़ी वजह
चुनाव टलने की सबसे बड़ी वजह मतदाता सूची का व्यापक पुनरीक्षण** बताया जा रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग और पंचायती राज विभाग मतदाता सूची को अपडेट करने में जुटे हैं। इसमें नए मतदाताओं के नाम जोड़ना, मृत एवं स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाना और आपत्तियों का निस्तारण शामिल है।
सूत्रों का कहना है कि यदि यह प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं होती है, तो चुनाव कराना कानूनी और प्रशासनिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसी कारण आयोग जल्दबाजी में चुनाव कराने के बजाय पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा करना चाहता है।
प्रशासनिक तैयारियाँ भी बनीं बाधा
पंचायत चुनाव प्रदेश के सबसे बड़े चुनावों में गिने जाते हैं। इसमें लाखों प्रत्याशी, हजारों मतदान केंद्र और व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता होती है। अधिकारियों का मानना है कि विधानसभा चुनाव की तैयारियों और अन्य प्रशासनिक व्यस्तताओं के बीच पंचायत चुनाव कराना व्यावहारिक रूप से कठिन हो सकता है।
चुनाव आयोग की स्थिति
हालांकि अब तक चुनाव टालने को लेकर कोई औपचारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है, लेकिन अंदरूनी चर्चाओं से संकेत मिल रहे हैं कि नई तारीख विधानसभा चुनाव के बाद तय की जा सकती है। अंतिम निर्णय राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा ही लिया जाएगा।
राजनीतिक हलचल तेज
पंचायत चुनावों को स्थानीय राजनीति की नींव माना जाता है। ऐसे में चुनाव टलने की चर्चाओं से राजनीतिक दलों की रणनीति भी प्रभावित हो रही है। कई संभावित उम्मीदवार फिलहाल आधिकारिक घोषणा का इंतजार कर रहे हैं।
—
क्रेडिट: Express News Live
Source: expressnewslive.tv
Crime से जुड़ी अन्य खबरें: यहां पढ़ें
Technology से जुड़ी अन्य खबरें: यहां पढ़ें
Politics से जुड़ी अन्य खबरें: यहां पढ़ें
Education से जुड़ी अन्य खबरें: यहां पढ़ें

