पद्मभूषण सम्मान पर सियासी संग्राम: कोश्यारी सम्मानित, राउत का तीखा हमला

पद्मभूषण पर सियासी संग्राम: कोश्यारी सम्मानित, राउत का तीखा हमला

पद्मभूषण सम्मान पर महाराष्ट्र की राजनीति गरमाई

Mumbai/Dehradun, 26 January: भारत सरकार द्वारा घोषित पद्म पुरस्कार 2026 की सूची सामने आते ही राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। उत्तराखंड के वरिष्ठ नेता, पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मभूषण से सम्मानित किए जाने पर जहां एक ओर समर्थकों में उत्साह है, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दलों की ओर से तीखी आलोचना भी शुरू हो गई है।

सरकार की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि कोश्यारी को यह सम्मान सार्वजनिक जीवन, प्रशासन, शिक्षा, सामाजिक सेवा और संवैधानिक संस्थाओं में लंबे एवं विशिष्ट योगदान के लिए दिया गया है। यह घोषणा गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर की गई है, जबकि औपचारिक सम्मान समारोह राष्ट्रपति भवन में आयोजित किया जाएगा।

क्यों मिला पद्मभूषण?

सरकारी विवरण के अनुसार, भगत सिंह कोश्यारी को यह सम्मान मुख्य रूप से इन योगदानों के लिए दिया गया है:

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  • सार्वजनिक सेवा और प्रशासन में दशकों का योगदान
  • संवैधानिक पदों पर संतुलित और मर्यादित भूमिका
  • शिक्षा एवं साहित्य के क्षेत्र में सक्रिय सहभागिता
  • सामाजिक-सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रवादी विचारधारा का प्रचार-प्रसार
  • संसदीय लोकतंत्र को मजबूत करने में भूमिका

भगत सिंह कोश्यारी: एक नजर में प्रोफाइल

नाम: भगत सिंह कोश्यारी
जन्म: 17 जून 1942
जन्म स्थान: बागेश्वर जिला, उत्तराखंड

प्रमुख पद:

  1. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री (तत्कालीन उत्तरांचल)
  2. महाराष्ट्र के राज्यपाल (2019–2023)
  3. लोकसभा सदस्य
  4. राज्यसभा सदस्य
  5. भाजपा के वरिष्ठ नेता
  6. RSS से वैचारिक जुड़ाव

वे उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हैं, जिन्हें लोकसभा और राज्यसभा दोनों का सदस्य बनने का अवसर मिला है।

संजय राउत का तीखा तंज

शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर पोस्ट करते हुए केंद्र सरकार और भाजपा पर सीधा हमला बोला।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर पोस्ट राउत का पोस्ट
‘एक्स’ (X) पर राउत का पोस्ट

राउत का पोस्ट:

“महाराष्ट्रात लोकशाही आणि भारतीय संविधानाची हत्या करून शिंदे-भाजपाचे सरकार बसवल्याबद्दल या महाशयांना मोदी सरकारने पद्म भूषण किताबाने सन्मानित केले.
याच महाशयांनी छत्रपती शिवाजी महाराज व महात्मा फुले दाम्पत्याचा अपमान केला होता!
महाराष्ट्राचा अपमान करणाऱ्यांचा भाजपा सन्मान करते! छान!”

हिंदी अर्थ:

“महाराष्ट्र में लोकतंत्र और संविधान की हत्या कर शिंदे-भाजपा सरकार बनवाने के इनाम के तौर पर इन्हें पद्मभूषण दिया गया है। यही वही व्यक्ति हैं जिन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज और फुले दंपति का अपमान किया था। महाराष्ट्र का अपमान करने वालों को भाजपा सम्मानित कर रही है — वाह! बहुत बढ़िया!”

पद्म पुरस्कार 2026: आंकड़ों में

  • कुल पुरस्कार: 131
  • पद्मविभूषण: 5
  • पद्मभूषण: 13
  • पद्मश्री: 113
  • घोषणा: गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या
  • सम्मान समारोह: राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली

जहां सरकार भगत सिंह कोश्यारी को सार्वजनिक सेवा और प्रशासन में योगदान के लिए सम्मानित कर रही है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक इनाम करार दे रहा है। पद्मभूषण सम्मान अब सिर्फ नागरिक सम्मान नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस का केंद्र बन चुका है।

 

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