हाईकोर्ट के आदेश के बाद फैसला, अब तय मानक से ही स्कूल बस-वैन का किराया, मनमानी फीस पर लगेगी रोक
Dehradun, 27 March: उत्तराखंड में स्कूली बच्चों के अभिभावकों के लिए एक बड़ा और अहम फैसला सामने आया है। राज्य में पहली बार स्कूल बस और स्कूल वैन के किराए को आधिकारिक रूप से तय कर दिया गया है। अब सभी स्कूलों को निर्धारित मानकों के अनुसार ही परिवहन शुल्क लेना होगा।
यह निर्णय 25 मार्च 2026 को राज्य परिवहन प्राधिकरण की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता परिवहन आयुक्त Brijesh Kumar Sant ने की। बैठक में लोक निर्माण विभाग, विधि विभाग और परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद लिया गया फैसला
यह महत्वपूर्ण फैसला Uttarakhand High Court के निर्देशों के बाद लिया गया। जनहित याचिका (संख्या-161/2024) में अदालत ने 22 सितंबर 2025 को आदेश दिया था कि स्कूल वाहनों के किराये को नियंत्रित और पारदर्शी बनाया जाए।
इसके बाद संयुक्त परिवहन आयुक्त Rajeev Kumar Mehra की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई, जिसने वाहन लागत, ईंधन, ड्राइवर वेतन, मेंटेनेंस और बीमा जैसे सभी खर्चों का विस्तृत अध्ययन किया।
स्कूल बस का नया मासिक किराया (प्रति छात्र)
- 1 से 10 किमी – ₹2200
- 10 से 20 किमी – ₹2700
- 20 से 30 किमी – ₹3200
- 30 किमी से अधिक – ₹3700
स्कूल वैन (टैक्सी/मैक्सी) का मासिक किराया (प्रति छात्र)
- 1 से 5 किमी – ₹2100
- 5 से 10 किमी – ₹2500
- 10 से 20 किमी – ₹3000
- 20 किमी से अधिक – ₹3500
क्या बदलेगा इस फैसले से?
- मनमाने परिवहन शुल्क पर लगेगी रोक
- अभिभावकों को मिलेगी राहत और पारदर्शिता
- स्कूलों को तय मानकों के अनुसार ही शुल्क लेना होगा
- पूरे राज्य में परिवहन व्यवस्था में आएगी एकरूपता
यह फैसला राज्य के लाखों अभिभावकों के लिए राहत भरा साबित होगा और स्कूल परिवहन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाएगा।
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