Supreme Court on Reservation: अब मेरिट ही सबसे ऊपर

Supreme Court on Reservation: आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार भी ओपन कैटेगरी में शामिल हो सकेंगे

Supreme Court on Reservation: आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार भी ओपन कैटेगरी में शामिल हो सकेंगे

New Delhi/ Dehradun, 25 Macrh: नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए राहत भरी खबर है। अब चयन प्रक्रिया में सबसे बड़ा पैमाना सिर्फ और सिर्फ मेरिट होगा। सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले ने साफ कर दिया है कि अगर किसी उम्मीदवार के अंक बेहतर हैं, तो उसे सिर्फ उसकी श्रेणी के आधार पर पीछे नहीं किया जा सकता। यह फैसला न केवल भर्ती प्रक्रिया को ज्यादा निष्पक्ष बनाएगा, बल्कि योग्य उम्मीदवारों के लिए नए अवसर भी खोलेगा।

भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर Supreme Court of India ने एक अहम फैसला सुनाया है, जिसमें साफ किया गया है कि यदि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार सामान्य श्रेणी के कटऑफ से अधिक अंक हासिल करते हैं, तो उन्हें सामान्य (ओपन) कैटेगरी में शामिल किया जा सकता है—बशर्ते संबंधित भर्ती नियम इसकी अनुमति देते हों। फैसला जस्टिस P. S. Narasimha और जस्टिस Alok Aradhe की पीठ ने सुनाया। अदालत ने इस दौरान Bombay High Court के 14 फरवरी 2025 के फैसले को निरस्त कर दिया और महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया कि ऐसे योग्य उम्मीदवारों को ओपन श्रेणी में स्थान दिया जाए, जिनके अंक सामान्य श्रेणी के अंतिम चयनित उम्मीदवार से अधिक हैं।

क्या था मामला?

यह पूरा विवाद शिक्षकों की भर्ती से जुड़ा था, जिसमें जिला परिषद, नगर निगम और अन्य स्थानीय संस्थानों में नियुक्तियां होनी थीं। हाईकोर्ट ने पहले यह कहा था कि जिन अभ्यर्थियों ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) में छूट का लाभ लिया है, वे सामान्य श्रेणी में जगह पाने का दावा नहीं कर सकते, क्योंकि इससे उन्हें दोहरा लाभ मिलेगा।

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सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

शीर्ष अदालत ने इस दलील को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि TET में दी गई छूट केवल उम्मीदवारों को परीक्षा में बैठने का अवसर देती है, इसका उनके अंतिम चयन की मेरिट पर कोई असर नहीं पड़ता। मुख्य परीक्षा (TAIT) में सभी अभ्यर्थियों का मूल्यांकन समान मानकों पर होता है।

मेरिट ही अंतिम आधार

कोर्ट ने अपने फैसले में दो टूक कहा कि ओपन कैटेगरी किसी विशेष वर्ग के लिए आरक्षित नहीं होती, बल्कि यह पूरी तरह योग्यता पर आधारित होती है। ऐसे में यदि कोई आरक्षित वर्ग का उम्मीदवार बेहतर प्रदर्शन करता है, तो उसे ओपन श्रेणी में शामिल किया जाना चाहिए—यदि नियम इसकी इजाजत देते हों।

यह फैसला आने वाले समय में भर्ती प्रक्रियाओं की पारदर्शिता और मेरिट आधारित चयन को और मजबूती देने वाला माना जा रहा है।

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