वसंतोत्सव में कला, प्रकृति और स्वरोजगार का संगम
राज्यपाल ने आर्ट गैलरी, फोटो प्रदर्शनी और स्वयं सहायता समूहों के स्टॉलों का किया अवलोकन
Dehradun, 28 February: राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने शनिवार को लोक भवन में आयोजित तीन दिवसीय वसंतोत्सव के दौरान आर्ट गैलरी और फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में चित्रकारों द्वारा विविध विषयों पर आधारित आकर्षक चित्रों का प्रदर्शन किया गया, वहीं फोटोग्राफरों ने प्राकृतिक सौंदर्य, जीव-जंतुओं और अन्य विषयों पर आधारित मनोहारी छायाचित्र प्रस्तुत किए।
राज्यपाल ने कलाकारों और फोटोग्राफरों से संवाद कर उनकी प्रतिभा की सराहना की तथा कई चित्रकारों की पेंटिंग्स खरीदकर उनका उत्साहवर्धन भी किया।

स्वयं सहायता समूहों और स्टार्टअप स्टॉलों का किया भ्रमण
राज्यपाल ने महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉलों का अवलोकन किया, जहां लोगों की अच्छी-खासी भीड़ उमड़ी रही। उन्होंने औद्यानिक गतिविधियों से जुड़े गैर-सरकारी संगठनों एवं स्वयं सहायता समूहों के स्टॉलों का भ्रमण कर उत्पादों की जानकारी प्राप्त की और विभिन्न स्टॉलों से खरीदारी कर विक्रेताओं का मनोबल बढ़ाया।
उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों तथा बेटियों द्वारा संचालित स्टार्टअप स्टॉलों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास स्थानीय उत्पादों और स्वरोजगार को बढ़ावा देते हैं।
‘‘हीलिंग और वेल-बीइंग’’ की भावना से जुड़ा वसंतोत्सव
वसंतोत्सव के दूसरे दिन राज्यपाल ने कार्यक्रम स्थल का भ्रमण कर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव की मूल भावना ‘‘हीलिंग और वेल-बीइंग’’ है, जिसे आयोजन स्थल के वातावरण में स्पष्ट रूप से अनुभव किया जा सकता है।
राज्यपाल ने ध्यान केंद्र में जाकर ‘‘पुष्प ध्यान’’ किया और उसके सकारात्मक प्रभावों का अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा कि फूलों और रचनात्मकता के निकट रहने से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में स्वाभाविक सुधार होता है। योग केंद्र की विशेष सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यहां फूलों के माध्यम से स्वास्थ्य सुधार के विभिन्न आयामों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
उमड़ी दर्शकों की भीड़, ‘चक्रव्यूह’ बना आकर्षण का केंद्र
वसंतोत्सव के दूसरे दिन बड़ी संख्या में लोगों ने लोक भवन पहुंचकर पुष्प प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा विभिन्न स्टॉलों से उत्पादों की खरीदारी की।
इस दौरान रुद्रप्रयाग की केदारघाटी मंचन समिति द्वारा प्रस्तुत नाटक “चक्रव्यूह” विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। कलाकारों ने सशक्त अभिनय और प्रभावशाली संवादों से दर्शकों को अंत तक बांधे रखा।
इसके अतिरिक्त उत्तराखंड औद्यानिक बोर्ड द्वारा पुष्प उत्पादकों और क्रेताओं के मध्य समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से क्रेता-विक्रेता सभा का आयोजन किया गया, जिससे पुष्प उत्पादकों को बाजार उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
वसंतोत्सव में कला, प्रकृति, स्वास्थ्य और स्वरोजगार के विविध आयामों का सुंदर समन्वय देखने को मिला, जिससे यह महोत्सव जनसामान्य के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
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