देहरादून के दूरस्थ और वन क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या दूर करने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने विधानसभा चुनाव से पहले सभी चिह्नित शैडो एरिया में मोबाइल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने और निष्क्रिय टावरों को तत्काल चालू करने के निर्देश दिए हैं।
देहरादून | 15 अक्टूबर 2026
जिला टेलीकॉम समिति एवं नेशनल ब्रॉडबैंड मिशन की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने BSNL सहित सभी दूरसंचार कंपनियों को नेटवर्क विहीन और कमजोर कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में तेजी से काम करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आचार संहिता लागू होने से पहले सभी 19 चिह्नित शैडो एरिया में मोबाइल नेटवर्क पहुंचाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई पूरी की जाए।
मसूरी के 7 और चकराता के 12 शैडो एरिया पर विशेष फोकस
जिलाधिकारी के अनुसार, जनपद में कुल 19 शैडो एरिया चिह्नित किए गए हैं। इनमें मसूरी विधानसभा क्षेत्र के 7 और चकराता विधानसभा क्षेत्र के 12 क्षेत्र शामिल हैं। इन इलाकों में नेटवर्क स्थापित करने के दौरान राजस्व भूमि या वन भूमि से संबंधित बाधाएं आने पर संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर तत्काल समाधान निकालने के निर्देश दिए गए हैं।
दूरस्थ क्षेत्रों में नेटवर्क की कमी का असर स्थानीय लोगों के फोन कॉल, जरूरी सूचनाओं और ऑनलाइन सेवाओं तक पहुंच पर पड़ सकता है। ऐसे में इन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी का विस्तार स्थानीय निवासियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बीएसएनएल के 170 गांव अभी भी नेटवर्क से वंचित
बैठक में BSNL अधिकारियों ने बताया कि देहरादून जनपद के कुल 767 गांवों में से 597 गांवों में BSNL की कनेक्टिविटी उपलब्ध है, जबकि 170 गांव अभी भी नेटवर्क से नहीं जुड़ पाए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, कुंआवाला से लच्छीवाला, दांडी से ऋषिकेश, रायवाला से हरिपुरकलां और दौड़वाला से दूधली तक के वन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी पहुंचाने में कठिनाइयां आ रही हैं।
फुलसानी, दिरनाद और सिल्ला में नए 4G मोबाइल टावर स्थापित करने के प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेजे गए हैं। वहीं, 4G मोबाइल टावर सेचुरेशन परियोजना के तहत स्वीकृत 24 ग्राम पंचायतों में से 22 में कनेक्टिविटी उपलब्ध करा दी गई है। रायपुर और सहसपुर क्षेत्र की एक-एक ग्राम पंचायत में वन भूमि से संबंधित समस्या के कारण काम लंबित है।
निष्क्रिय मोबाइल टावरों को तत्काल चालू करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी दूरसंचार कंपनियों को अपने मोबाइल टावरों और नेटवर्क सेवाओं का स्थलीय निरीक्षण करने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि बंद पड़े टावरों को दुरुस्त कर जल्द नेटवर्क सेवा बहाल की जाए।
जिन क्षेत्रों में किसी भी कंपनी का मोबाइल टावर उपलब्ध नहीं है, वहां BSNL को प्राथमिकता के आधार पर नए टावर स्थापित करने की कार्ययोजना पर तेजी से काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही ग्राम पंचायतों, आंगनबाड़ी केंद्रों और प्राथमिक विद्यालयों तक भारतनेट परियोजना के अंतर्गत फाइबर नेटवर्क कनेक्टिविटी का काम शीघ्र पूरा करने पर भी जोर दिया गया।
भारतनेट परियोजना: 69 ग्राम पंचायतों में कनेक्टिविटी प्रभावित
भारतनेट परियोजना की समीक्षा में बताया गया कि इसके पहले चरण में जनपद की 209 ग्राम पंचायतों को कनेक्ट किया गया था। हालांकि, फाइबर केबल कटने के कारण वर्तमान में 69 ग्राम पंचायतों में कनेक्टिविटी प्रभावित है।
परियोजना के दूसरे चरण में कुल 228 ग्राम पंचायतों में से 189 को कनेक्ट किया जा चुका है, जबकि शेष 39 ग्राम पंचायतों में कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने का काम जारी है।
जिलाधिकारी ने फाइबर कटने से प्रभावित ग्राम पंचायतों में नेटवर्क बहाल करने और लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समयसीमा में लक्ष्य हासिल करने को कहा।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) केके मिश्रा, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर हरेन्द्र शर्मा, BSNL के डीजीएम रणवीर सिंह चौहान, एसडीई मोबाइल नीरज कुमार, मैनेजर डीआईसी सिद्धार्थ नेगी सहित विभिन्न दूरसंचार कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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