रेखा आर्य ने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ दर्ज कराई FIR, मारपीट से लेकर हत्या की साजिश तक के आरोप

रेखा आर्य की पति के खिलाफ FIR, हत्या की साजिश का आरोप

शादी में धोखे, मारपीट, जातिगत अपमान और हत्या की साजिश के आरोप; ऑडियो साझा कर रेखा आर्य ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता।

देहरादून | 15 अक्टूबर, 2026

उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य की ओर से अपने पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के खिलाफ FIR दर्ज कराने का मामला सामने आया है। शिकायत में वैवाहिक स्थिति छिपाने, कथित अवैध संबंधों, मारपीट, जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने, जान से मारने की धमकी और कथित दस्तावेजी जालसाजी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। सबसे गंभीर आरोप एक ऑडियो रिकॉर्डिंग से जुड़ा है, जिसके आधार पर मंत्री ने हत्या की साजिश की आशंका जताई है। मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें एक जनप्रतिनिधि की सुरक्षा के साथ-साथ घरेलू उत्पीड़न, महिलाओं के अधिकारों और अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण कानून से जुड़े सवाल शामिल हैं।

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 15 अक्टूबर 2026 को देहरादून के कैंट थाने में यह मुकदमा दर्ज कराया गया। FIR में भारतीय दंड संहिता (IPC) की 10 धाराओं और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की तीन धाराओं का उल्लेख है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।

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शादी के समय वैवाहिक स्थिति छिपाने का आरोप

FIR के अनुसार, रेखा आर्य और गिरधारी लाल साहू की शादी 6 जुलाई 2004 को हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शादी के समय साहू ने खुद को अविवाहित बताया था। मंत्री का दावा है कि विवाह के कुछ साल बाद उन्हें जानकारी मिली कि उनके पति पहले से विवाहित थे और उनके पूर्व विवाह से बच्चे भी थे।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि गिरधारी लाल साहू को रेखा आर्य की जातिगत पृष्ठभूमि की जानकारी थी, इसके बावजूद उन्हें अपनी वैवाहिक स्थिति के संबंध में कथित तौर पर गुमराह किया गया।

दूसरी महिलाओं से संबंध और विरोध करने पर मारपीट का दावा

शिकायत के मुताबिक, शादी के कुछ समय बाद पति के व्यवहार में बदलाव आया। रेखा आर्य ने आरोप लगाया है कि उन्हें अन्य महिलाओं के साथ उनके कथित संबंधों की जानकारी मिली। FIR में कहा गया है कि इस मुद्दे पर आपत्ति जताने के बाद पति ने कथित तौर पर मौखिक और लिखित रूप से माफी भी मांगी थी।

हालांकि, मंत्री का आरोप है कि इसके बावजूद यह सिलसिला जारी रहा। शिकायत में कथित संबंधों का विरोध करने पर मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोप भी शामिल हैं। रेखा आर्य ने अपनी और अपने नाबालिग बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।

सरकारी आवास पर जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने का आरोप

FIR में आरोप लगाया गया है कि गिरधारी लाल साहू ने रेखा आर्य के सरकारी आवास पर मौजूद कर्मचारियों के सामने कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और उन्हें अपमानित किया।

इस आरोप के संबंध में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराओं का भी उल्लेख किया गया है। मामले में जातिगत अपमान से जुड़े आरोपों की जांच के दौरान घटनाओं की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

कंपनियों के निदेशक पद से हटाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का आरोप

मामले में कंपनियों के निदेशक पद से जुड़े दस्तावेजों को लेकर भी आरोप लगाए गए हैं। रेखा आर्य की शिकायत के मुताबिक, उनके पति ने कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षरों और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए उन्हें संबंधित कंपनियों के निदेशक पद से हटाया हुआ दिखाया।

मंत्री का दावा है कि उन्होंने न तो ऐसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए थे और न ही कोई त्यागपत्र दिया था। FIR में इस मामले को कथित धोखाधड़ी और दस्तावेजों की जालसाजी से जुड़े आरोपों के तौर पर शामिल किया गया है।

ऑडियो रिकॉर्डिंग से जुड़ा हत्या की साजिश का गंभीर आरोप

इस पूरे मामले में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग को लेकर सबसे गंभीर आरोप लगाया गया है। FIR के मुताबिक, रेखा आर्य ने ऐसी रिकॉर्डिंग मिलने का उल्लेख किया है, जिसमें कथित तौर पर गिरधारी लाल साहू एक महिला से बातचीत के दौरान उन्हें जान से मारने की साजिश से जुड़ी बातें करते सुनाई देते हैं।

मंत्री के अनुसार, ऑडियो सामने आने के बाद उन्हें अपनी और अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका हुई। उन्होंने पुलिस से शिकायत दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।

हालांकि, रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता, उसमें मौजूद आवाजों की पहचान और बातचीत के संदर्भ की स्वतंत्र पुष्टि अभी जांच का विषय है। केवल ऑडियो सामने आने से उसमें लगाए गए आरोप स्वतः साबित नहीं हो जाते।

FIR के बाद फेसबुक पर वीडियो और ऑडियो साझा किया

FIR दर्ज कराने के बाद रेखा आर्य ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक वीडियो और पति से संबंधित ऑडियो साझा किया। वीडियो में उन्होंने अपने वैवाहिक रिश्ते को लेकर पीड़ा व्यक्त की और कहा कि ऑडियो ने उनके रिश्ते तथा समर्पण पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

उन्होंने सवाल उठाया कि सच्चाई और ईमानदारी के साथ रिश्ता निभाने का ऐसा परिणाम क्यों मिला। मंत्री ने कहा कि ऑडियो सुनने के बाद उन्हें पुलिस के पास जाने का फैसला लेना पड़ा और यह कदम उन्होंने अपने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया।

रेखा आर्य ने महिलाओं से घरेलू अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि महिला आम हो या खास, उसे घरेलू अत्याचार न तो सहना चाहिए और न ही उस पर चुप रहना चाहिए।

इस घटनाक्रम के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं।

FIR में IPC की 10 और SC-ST एक्ट की तीन धाराओं का उल्लेख

शिकायत में भारतीय दंड संहिता (IPC) की निम्नलिखित धाराओं का उल्लेख किया गया है:

  • धारा 120-B — आपराधिक साजिश
  • धारा 323 — स्वेच्छा से चोट पहुंचाना
  • धारा 420 — धोखाधड़ी और बेईमानी से संपत्ति दिलवाना
  • धारा 467 — मूल्यवान प्रतिभूति आदि की जालसाजी
  • धारा 468 — धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी
  • धारा 471 — जाली दस्तावेज को असली के रूप में इस्तेमाल करना
  • धारा 495 — पूर्व विवाह छिपाकर दोबारा विवाह करने से संबंधित अपराध
  • धारा 498-A — पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता
  • धारा 504 — शांति भंग कराने के इरादे से जानबूझकर अपमान
  • धारा 506 — आपराधिक धमकी

इसके अतिरिक्त, FIR में SC-ST एक्ट की धाराओं 3(1)(द), 3(1)(ध) और 3(2)(va) का उल्लेख किया गया है।

कानूनी स्थिति: शिकायत में धाराओं का उल्लेख अपने आप में आरोपों का प्रमाण नहीं है। यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि IPC की धाराओं का उल्लेख FIR में किस कानूनी आधार पर किया गया है, इसकी पुष्टि मूल FIR और मामले की तारीख से संबंधित लागू कानूनों के आधार पर की जानी चाहिए। 1 जुलाई 2024 से भारतीय न्याय संहिता (BNS) लागू है, इसलिए 15 अक्टूबर 2026 को दर्ज मामले में IPC की धाराओं का उल्लेख होने पर मूल दस्तावेज से इसकी पुष्टि आवश्यक है।

पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई पर रहेगी नजर

रेखा आर्य की शिकायत में घरेलू उत्पीड़न, कथित वैवाहिक धोखाधड़ी, जातिगत अपमान, दस्तावेजों में जालसाजी और हत्या की साजिश जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। मामले में आगे की दिशा पुलिस की जांच, कथित ऑडियो की फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों पर निर्भर करेगी।

फिलहाल सभी आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोप हैं। संबंधित पक्ष का जवाब, पुलिस की आधिकारिक पुष्टि और जांच में सामने आने वाले तथ्य इस मामले की आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण होंगे।

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The India Vox

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Ravi Priyanshu

Ravi Priyanshu is a journalist, novelist, and Founder & Editor-in-Chief of The India Vox. With 23+ years of experience, he is dedicated to credible journalism and meaningful storytelling.

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