राज्य आंदोलनकारी चिन्हीकरण की मांग को लेकर डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन

राज्य आंदोलनकारी चिन्हीकरण की मांग को लेकर डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन

छूटे हुए आंदोलनकारियों को चिन्हित करने और मापदंडों में बदलाव की मांग, मुख्यमंत्री आवास कूच की चेतावनी

Dehradun, 11 June 2026: उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन में योगदान देने वाले छूटे हुए आन्दोलनकारियों के चिन्हीकरण की मांग को लेकर उत्तराखण्ड आन्दोलनकारी संयुक्त परिषद ने बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। इस दौरान परिषद के पदाधिकारियों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन तहसीलदार सदर सुरेंद्र देव को सौंपा।

परिषद का कहना है कि राज्य आन्दोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले अनेक लोग आज भी चिन्हीकरण की प्रक्रिया से बाहर हैं। वर्तमान मापदंड जटिल होने के कारण बड़ी संख्या में पात्र आन्दोलनकारी सरकारी मान्यता से वंचित रह गए हैं।

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ज्ञापन में परिषद ने तीन प्रमुख मांगें रखीं। पहली, राज्य आन्दोलन के दौरान सक्रिय रहे लेकिन चिन्हीकरण से छूट गए सभी आन्दोलनकारियों का तत्काल चिन्हीकरण किया जाए। दूसरी, चिन्हीकरण प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और तर्कसंगत बनाया जाए। तीसरी, समकालीन समाचार-पत्रों की कटिंग और वरिष्ठ आन्दोलनकारियों की संस्तुति को प्रमाण के रूप में मान्यता दी जाए।

परिषद के नेताओं ने कहा कि कई ऐसे आन्दोलनकारी हैं जिनके पास उस समय के आधिकारिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन उनकी भूमिका और सहभागिता समकालीन समाचारों तथा वरिष्ठ आन्दोलनकारियों की गवाही से प्रमाणित होती है। ऐसे लोगों को भी चिन्हीकरण प्रक्रिया में शामिल किया जाना चाहिए।

आन्दोलनकारियों ने बताया कि वर्ष 2021 से लगातार विभिन्न स्तरों पर इस मुद्दे को उठाया जा रहा है। सचिवालय कूच, मुख्यमंत्री आवास कूच और विभिन्न जिलों में धरना-प्रदर्शन के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। हाल ही में परिषद के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के सचिव एवं गृह सचिव शैलेश बगोली से भी मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था।

परिषद का आरोप है कि राज्य के 13 जिलों में राज्य आंदोलनकारी चिन्हीकरण की प्रक्रिया ठप पड़ी हुई है। जनवरी 2026 में भी परिषद ने चेतावनी दी थी कि यदि चिन्हीकरण प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो व्यापक आन्दोलन किया जाएगा। बुधवार का प्रदर्शन उसी चेतावनी की अगली कड़ी बताया जा रहा है।

प्रदर्शन में संरक्षक नवनीत गुंसाई, सीपीएम सचिव अनन्त आकाश, जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार, वरिष्ठ आन्दोलनकारी बालेश बबानिया सहित बड़ी संख्या में आन्दोलनकारी शामिल रहे।

तहसीलदार सदर सुरेंद्र देव ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। वहीं परिषद के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो व्यापक आन्दोलन शुरू किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री आवास कूच भी शामिल हो सकता है।

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The India Vox

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Ravi Priyanshu

Ravi Priyanshu is a journalist, novelist, and Founder & Editor-in-Chief of The India Vox. With 23+ years of experience, he is dedicated to credible journalism and meaningful storytelling.

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