Uttarakhand Law and Order को लेकर उत्तराखंड आन्दोलनकारी संयुक्त परिषद और विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक संगठनों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
- प्रतिनिधिमंडल ने कानून-व्यवस्था की समीक्षा, हथियारबंद तीर्थयात्रियों पर सख्ती और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की मांग उठाई।
Dehradun | July 01, 2026
राज्य में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द को लेकर उत्तराखंड आन्दोलनकारी संयुक्त परिषद तथा विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन अपर सिटी मजिस्ट्रेट ने प्राप्त किया और इसे मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
ज्ञापन में क्या उठाए गए मुद्दे?
संयुक्त परिषद के प्रतिनिधि नवनीत गुंसाई ने ज्ञापन सौंपते हुए दावा किया कि राज्य के कुछ पहाड़ी क्षेत्रों में हथियारबंद तीर्थयात्रियों की गतिविधियों और कुछ असामाजिक एवं साम्प्रदायिक तत्वों के कारण स्थानीय लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि कुछ स्थानों पर अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को परेशान करने और उनके रोजगार को प्रभावित करने की कोशिशें की जा रही हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने झंडा मोहल्ला की एक हालिया घटना का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि प्रभावित समुदाय की कुछ दुकानें अब भी बंद हैं और संबंधित लोगों पर दबाव बनाया जा रहा है। ज्ञापन में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए।
सरकार से की गई प्रमुख मांगें
ज्ञापन के माध्यम से प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार से कई मांगें रखीं, जिनमें प्रमुख रूप से—
- हथियारबंद तीर्थयात्रियों पर सख्त प्रतिबंध लगाया जाए।
- असामाजिक और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।
- अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
- राज्य की कानून-व्यवस्था की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की जाए।
- सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
कई संगठनों के प्रतिनिधि रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान सीपीआई (एम) के सचिव अनन्त आकाश, राष्ट्रीय उत्तराखण्ड पार्टी के महामंत्री बालेश बबानिया, उत्तराखण्ड क्रांति दल की नेत्री प्रमिला रावत, नेताजी संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रभात डंडरियाल, जिला अध्यक्ष सुरेश कुमार, प्रवक्ता चिंतन सकलानी, रेखा शर्मा, नवीन नौटियाल, अमर सिंह, पारूल सहित विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
अपर सिटी मजिस्ट्रेट ने लिया ज्ञापन
जिलाधिकारी की ओर से अपर सिटी मजिस्ट्रेट ने ज्ञापन प्राप्त किया और प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों और सुझावों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
नोट: ये सभी आरोप ज्ञापन में लगाए गए हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
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