हाईकोर्ट के आदेश के पालन, सुरक्षा और कार्रवाई की मांग को लेकर डीएम को सौंपा ज्ञापन
Dehradun August 01, 2026
देहरादून के झंडा मोहल्ला स्थित मलियान गली में बंद पड़ी दुकानों को दोबारा खुलवाने, माननीय हाईकोर्ट के आदेश का पालन सुनिश्चित कराने तथा कथित रूप से धमकी देने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर शनिवार को विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक संगठनों और उत्तराखंड आंदोलनकारियों ने जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा।
जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपते हुए प्रशासन से मामले में प्रभावी हस्तक्षेप की मांग की। प्रतिनिधियों का कहना था कि संबंधित दुकानों को हाईकोर्ट के आदेश के अनुरूप बिना किसी व्यवधान के संचालित कराया जाए तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। सिटी मजिस्ट्रेट ने ज्ञापन प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि 18 जून 2026 को झंडा मोहल्ला क्षेत्र में कुछ लोगों द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय के दुकानदारों की दुकानें बंद कराई गई थीं। इसके बाद प्रशासन, पुलिस और हाईकोर्ट के आदेश के आधार पर 27 जुलाई को एक दुकान दोबारा खुलवाई गई।
ज्ञापन में यह भी दावा किया गया है कि 31 जुलाई की रात एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें एक व्यक्ति द्वारा दुकानदार को कथित रूप से धमकी दी गई और विरोध प्रदर्शन की बात कही गई। ज्ञापन में कुछ लोगों के नाम लेते हुए आरोप लगाया गया है कि वे दुकान बंद कराने और धमकी देने की घटनाओं में शामिल हैं। ज्ञापन में इन आरोपों के आधार पर एफआईआर दर्ज करने, दुकानदार एवं उसके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने, दुकान के आसपास पुलिस बल तैनात करने और संभावित अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए निवारक कार्रवाई की मांग की गई है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मामले का शांतिपूर्ण समाधान नहीं निकाला गया तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
ज्ञापन सौंपने वालों में यूकेडी नेता लताफत हुसैन, प्रमिला रावत, सीपीएम सचिव अनंत आकाश, सीटू महामंत्री लेखराज, कांग्रेस नेता मोहम्मद अल्ताफ, राष्ट्रीय उत्तराखंड पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष बालेश बबानिया, उत्तराखंड आंदोलनकारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष सुरेश कुमार, रेखा शर्मा, अधिवक्ता दुर्गा ध्यानी, अनुराधा मंदौला, वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी अंबुज शर्मा सहित अन्य प्रतिनिधि शामिल रहे।
(नोट: उपरोक्त समाचार ज्ञापन में किए गए दावों पर आधारित है। संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सकी है।)







