अनजान नंबर से फोन आया तो स्क्रीन पर दिखेगा नाम! 1 नवंबर से बदल सकता है कॉलिंग का तरीका

CNAP Service से मोबाइल स्क्रीन पर कॉल करने वाले का नाम दिखाने की सांकेतिक तस्वीर

1 नवंबर से 4G और 5G नेटवर्क पर शुरू होगी CNAP सेवा; बिना ऐप डाउनलोड किए जान सकेंगे अनजान कॉल करने वाले का नाम, Truecaller पर निर्भरता हो सकती है कम

नई दिल्ली | 19 अक्टूबर, 2026

मोबाइल पर किसी अनजान नंबर से कॉल आते ही मन में पहला सवाल यही उठता है कि आखिर फोन किसने किया है। कई बार जरूरी कॉल समझकर फोन उठाना पड़ता है, तो कभी स्पैम या ठगी के डर से उसे नजरअंदाज कर दिया जाता है। लेकिन अब यह असमंजस कम हो सकता है। केंद्र सरकार के दूरसंचार विभाग ने 1 नवंबर 2026 से Calling Name Presentation (CNAP) सेवा शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत मोबाइल स्क्रीन पर केवल नंबर ही नहीं, बल्कि कॉल करने वाले के नाम की जानकारी भी दिखाई जा सकेगी। खास बात यह है कि इसके लिए Truecaller जैसे किसी अलग ऐप को डाउनलोड करना जरूरी नहीं होगा।

अब नंबर नहीं, नाम देखकर भी कर सकेंगे कॉल की पहचान

CNAP तकनीक का उद्देश्य कॉल रिसीव करने वाले व्यक्ति को फोन करने वाले की पहचान बताना है। इसके लिए दूरसंचार कंपनियां अपने ग्राहकों के रिकॉर्ड में दर्ज नाम का इस्तेमाल करेंगी।

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अगर किसी का नंबर मोबाइल में पहले से सेव है, तो स्क्रीन पर कॉन्टैक्ट लिस्ट में दर्ज नाम दिखाई दे सकता है। वहीं, नंबर सेव नहीं होने पर टेलीकॉम ऑपरेटर के रिकॉर्ड में उपलब्ध नाम दिखाया जाएगा। इससे अनजान कॉल आने पर उपभोक्ताओं को फैसला लेने में आसानी हो सकती है।

हालांकि, स्क्रीन पर दिखने वाला नाम उस नंबर के पंजीकृत ग्राहक की पहचान बताने में मदद करेगा। इससे यह जरूरी नहीं हो जाता कि फोन करने वाला व्यक्ति वही हो या उसकी मंशा सही हो।

Jio, Airtel और Vi के ग्राहकों के लिए क्या बदलेगा?

दूरसंचार विभाग के निर्देशों के अनुसार, 1 नवंबर से 4G और उससे आगे की तकनीक वाले मोबाइल नेटवर्क पर CNAP सेवा शुरू करने की योजना है। इसके लिए टेलीकॉम कंपनियों को अपने नेटवर्क में जरूरी तकनीकी बदलाव करने होंगे।

जियो, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया (Vi) जैसे ऑपरेटरों के नेटवर्क पर इस सुविधा को उपलब्ध कराने की तैयारी है। दूसरी ओर, 2G और 3G नेटवर्क तथा लैंडलाइन फोन पर इसे लागू करने को लेकर अलग से निर्णय लिया जाना है।

इसका मतलब है कि सेवा शुरू होने की निर्धारित तारीख के बाद भी अलग-अलग नेटवर्क पर इसका अनुभव और उपलब्धता क्रियान्वयन पर निर्भर कर सकती है।

क्या अब Truecaller की जरूरत नहीं पड़ेगी?

अनजान नंबरों की पहचान के लिए इस्तेमाल होने वाले Truecaller जैसे ऐप की उपयोगिता पर CNAP के आने से सवाल उठ सकते हैं। फिलहाल, ऐसे ऐप कई उपभोक्ताओं को कॉलर की पहचान से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी देते हैं। CNAP के जरिए टेलीकॉम ऑपरेटर के रिकॉर्ड में दर्ज नाम सीधे कॉल के दौरान दिखाया जा सकेगा।

इससे केवल कॉल करने वाले का नाम जानने के लिए किसी थर्ड-पार्टी ऐप पर निर्भरता कम हो सकती है। हालांकि, CNAP और Truecaller की सुविधाएं एक जैसी नहीं हैं। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि नई सेवा शुरू होते ही ऐसे ऐप पूरी तरह गैरजरूरी हो जाएंगे।

फर्जी बैंक अधिकारी की कॉल पर लगेगी लगाम?

साइबर ठगी के मामलों में अपराधी कई बार खुद को बैंक अधिकारी, सरकारी कर्मचारी या किसी प्रतिष्ठित कंपनी का प्रतिनिधि बताकर लोगों को फोन करते हैं। ऐसे में कॉल करने वाले के नाम की जानकारी मिलने से उपभोक्ता को सतर्क रहने का एक अतिरिक्त आधार मिल सकता है।

लेकिन यहां सावधानी सबसे जरूरी है। मोबाइल स्क्रीन पर नाम दिखने का मतलब यह नहीं है कि कॉल सुरक्षित है। किसी भी अनजान व्यक्ति को OTP, बैंक खाते का विवरण, पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। बैंक या सरकारी विभाग के नाम पर जानकारी मांगने वाली कॉल की पुष्टि हमेशा संबंधित संस्था के आधिकारिक माध्यम से करनी चाहिए।

आपकी पहचान भी रहेगी सुरक्षित?

नई व्यवस्था में कॉल करने वाले की निजता से जुड़े प्रावधान भी महत्वपूर्ण हैं। Calling Line Identification Restriction (CLIR) सुविधा लेने वाले ग्राहकों का नाम प्रदर्शित नहीं किए जाने का प्रावधान बताया गया है। इसके अलावा, कॉल समाप्त होने के बाद पहचान संबंधी जानकारी के इस्तेमाल और सुरक्षा को लेकर निर्धारित नियमों का पालन भी जरूरी होगा।

1 नवंबर से क्या उम्मीद करें?

CNAP सेवा का मकसद मोबाइल उपभोक्ताओं को अनजान कॉल की पहचान करने का एक अतिरिक्त माध्यम देना है। यदि इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, तो रोजमर्रा की कॉल के साथ संदिग्ध फोन कॉल को लेकर भी लोगों की सतर्कता बढ़ सकती है।

हालांकि, इसका वास्तविक असर सेवा के क्रियान्वयन, टेलीकॉम कंपनियों के रिकॉर्ड की विश्वसनीयता और उपभोक्ताओं को मिलने वाले अनुभव से स्पष्ट होगा। फिलहाल, नई व्यवस्था को अनजान कॉल पहचानने की दिशा में एक अहम कदम माना जा सकता है, लेकिन साइबर ठगी से बचने के लिए सावधानी बरतना पहले की तरह जरूरी रहेगा।

 

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The India Vox

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Chief Editor

Ravi Priyanshu

Ravi Priyanshu is a journalist, novelist, and Founder & Editor-in-Chief of The India Vox. With 23+ years of experience, he is dedicated to credible journalism and meaningful storytelling.

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