देहरादून में बाल संरक्षण पर प्रशासन सख्त, 236 मामलों में 120 का निस्तारण

देहरादून में बाल संरक्षण पर सख्ती, 236 मामलों में 120 का निस्तारण

बालगृहों में 302 बच्चों की स्थिति की समीक्षा, दिसंबर 2024 से 744 बच्चों को किया गया चिन्हित या रेस्क्यू

देहरादून | 17 सितंबर 2026

जिले में बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और पुनर्वास को लेकर प्रशासन ने संबंधित विभागों को कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी एवं जिला बाल संरक्षण इकाई के अध्यक्ष डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बाल संरक्षण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों की त्रैमासिक समीक्षा की गई।

बैठक में बाल कल्याण समिति (CWC), जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति, चाइल्ड हेल्पलाइन-1098, बाल भिक्षावृत्ति एवं बालश्रम उन्मूलन अभियान और बालगृहों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।

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CWC के सामने आए 236 मामले

समीक्षा के दौरान बताया गया कि पिछले तीन महीनों में बाल कल्याण समिति के समक्ष 236 प्रकरण प्रस्तुत हुए, जिनमें से 120 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। संस्थागत बालगृहों में रह रहे 6 बच्चों को दत्तक ग्रहण के लिए विधिक रूप से मुक्त किया गया है। वहीं, वित्तीय वर्ष 2026 में अब तक 5 बच्चों को दत्तक ग्रहण में दिया जा चुका है।

प्रशासन के अनुसार वर्ष 2016 से अब तक देहरादून जिले के 109 बच्चों को देश और विदेश में दत्तक ग्रहण में दिया गया है।

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1098 पर अप्रैल से अब तक 374 मामले

चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की समीक्षा में सामने आया कि अप्रैल से जून के बीच 200 और जुलाई से अब तक 174 प्रकरण प्राप्त हुए। इनमें बाल विवाह के 2 और बालश्रम से जुड़े 46 मामले भी शामिल हैं।

जिलाधिकारी ने संवेदनशील एवं पारिवारिक मामलों में केवल तत्काल कार्रवाई तक सीमित न रहते हुए काउंसलिंग और नियमित फॉलोअप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

19 बालगृहों में 302 बच्चे

देहरादून में संचालित 19 राजकीय एवं स्वैच्छिक बालगृहों की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा हुई। अधिकारियों को बच्चों के आवास, भोजन, स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा की व्यवस्था निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने के निर्देश दिए गए।

समीक्षा अवधि में बालगृहों के 16 निरीक्षण किए गए। इन संस्थानों में कार्यरत 156 कर्मचारियों में से 138 का पुलिस सत्यापन पूरा हो चुका है, जबकि शेष के सत्यापन में तेजी लाने को कहा गया है।

बालगृहों में रह रहे 302 बच्चों की दस्तावेजी स्थिति की समीक्षा में बताया गया कि 236 बच्चों के आधार कार्ड, 95 के आयुष्मान कार्ड और 116 के राशन कार्ड बनाए जा चुके हैं। वहीं 219 बच्चे स्कूलों में पढ़ रहे हैं। बाकी बच्चों के जरूरी दस्तावेज तैयार कराने के निर्देश दिए गए।

744 बच्चों को किया गया चिन्हित या रेस्क्यू

बाल भिक्षावृत्ति और बालश्रम उन्मूलन अभियान के तहत दिसंबर 2024 से अब तक 744 बच्चों को चिन्हित/रेस्क्यू किया गया है। इनमें 111 बाल भिक्षावृत्ति, 173 कूड़ा बीनने वाले, 101 बालश्रम, 307 ड्रॉपआउट और 52 अन्य श्रेणी के बच्चे शामिल हैं।

इनमें से 216 बच्चों का दोबारा विद्यालयों में प्रवेश कराया जा चुका है। जिलाधिकारी ने रेस्क्यू किए गए बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, काउंसलिंग और पुनर्वास की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने को कहा।

उन्होंने मिशन वात्सल्य के तहत ब्लॉक, ग्राम, नगर निकाय और वार्ड स्तर पर बाल संरक्षण समितियों को सक्रिय करने के निर्देश भी दिए। साथ ही अनाथ और परित्यक्त बच्चों से संबंधित प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, दत्तक ग्रहण और अन्य राज्यों के बच्चों को उनके गृह राज्य भेजने जैसी प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया।

मुख्य आंकड़े एक नजर में

  • 236 प्रकरण CWC के समक्ष प्रस्तुत
  • 120 प्रकरणों का निस्तारण
  • 6 बच्चों को दत्तक ग्रहण के लिए विधिक रूप से मुक्त किया गया
  • 109 बच्चे वर्ष 2016 से अब तक दत्तक ग्रहण में दिए गए
  • 374 चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 प्रकरण अप्रैल से अब तक
  • 19 बालगृहों की समीक्षा
  • 302 बच्चे बालगृहों में निवासरत
  • 744 बच्चों को दिसंबर 2024 से अब तक चिन्हित/रेस्क्यू किया गया
  • 216 बच्चों का विद्यालयों में प्रवेश कराया गया

The India Vox

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Ravi Priyanshu

Ravi Priyanshu is a journalist, novelist, and Founder & Editor-in-Chief of The India Vox. With 23+ years of experience, he is dedicated to credible journalism and meaningful storytelling.

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