देहरादून के रेंजर्स ग्राउंड में आयोजित ‘दिव्य कला मेला’ में राज्यपाल ने किया प्रतिभाग, दिव्यांगजनों के उत्पादों को बताया प्रेरणास्रोत
Dehradun, 23 February: प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से नि) गुरमीत सिंह ने रविवार को रेंजर्स ग्राउंड, देहरादून में आयोजित “दिव्य कला मेला” कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित इस मेले में देशभर से आए दिव्यांगजनों ने अपने उत्पादों और कलाकृतियों का प्रदर्शन किया।
राज्यपाल ने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन कर प्रतिभागियों से संवाद किया और उनके नवाचारों की सराहना की। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को रियायती ऋण के चेक भी वितरित किए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि प्रदर्शित प्रत्येक कला-कृति यह सिद्ध करती है कि दिव्यांगता बाधा नहीं, बल्कि संकल्प, आत्मबल और रचनात्मकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि समावेशी विकास तभी सार्थक है जब समाज का कोई भी वर्ग मुख्यधारा से वंचित न रहे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि दिव्यांगजन सहानुभूति के नहीं, बल्कि सम्मान, अवसर और समान भागीदारी के अधिकारी हैं। राष्ट्र निर्माण में उनकी सक्रिय भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
राज्यपाल ने यह भी कहा कि आधुनिक तकनीक, एआई और डिजिटल नवाचार दिव्यांगजनों के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रहे हैं, जिससे वे सृजन और उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे सकते हैं।
उन्होंने कहा कि यह मेला “लोकल फॉर वोकल” के मंत्र को साकार करता है और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सुदृढ़ करने में सहायक है।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा ने कहा कि यह आयोजन दिव्यांग सशक्तीकरण, आत्मनिर्भरता और सम्मान का उत्सव है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ‘सुगम्य भारत अभियान’, दिव्यांग पेंशन योजना और कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से सशक्तीकरण की दिशा में प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, विधायक खजान दास सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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