उत्तरांचल विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विशेषज्ञों ने रखे विचार
Dehradun, 04 November: उत्तरांचल विश्वविद्यालय के उत्तरांचल प्रबंधन संस्थान में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “ग्रीन टेक्नोलॉजी फॉर सस्टेनेबिलिटी: फाइनेंशियल इन्क्लूसिविटी, इनोवेशन एंड चैलेंजेज इन सोसाइटी 6.0” में देश-विदेश के विशेषज्ञों ने ग्रीन टेक्नोलॉजी को समावेशी और सतत विकास का मजबूत आधार बताया। सम्मेलन में 500 से अधिक शिक्षकों और शोधार्थियों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए।
मुख्य अतिथि द इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) के अध्यक्ष चरनजोत सिंह नंदा ने कहा कि तकनीक आधारित शिक्षा और कौशल विकास ही भविष्य की जरूरत हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया के अनुरूप खुद को तैयार करें।
मुख्य वक्ता प्लेटिनम इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक कृष्ण दुष्यंत राणा ने छात्रों को नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कुलपति प्रो. धरम बुद्धि ने कहा कि ग्रीन टेक्नोलॉजी और सर्कुलर इकोनॉमी न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देती हैं, बल्कि आर्थिक प्रगति की गति भी तेज करती हैं।
संस्थान के निदेशक प्रो. प्रदीप सूरी ने बताया कि उत्तरांचल प्रबंधन संस्थान ने अपने शोध एवं नवाचार को सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) से जोड़ते हुए कई महत्त्वपूर्ण पहलें शुरू की हैं।
कार्यक्रम के दौरान ‘ग्रीन टेक्नोलॉजी एंड सस्टेनेबल ट्रांसफॉर्मेशन’ पुस्तक का लोकार्पण भी किया गया।
सम्मेलन की अध्यक्षता विवि के अध्यक्ष जितेंद्र जोशी ने की, जबकि उपाध्यक्ष अंकिता जोशी, उप कुलपति डा. राजेश बहुगुणा, निदेशक छात्र कल्याण डा. अभिषेक जोशी, डा. बबीता रावत, डा. फरमान अली सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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