उत्तराखंड में सक्रिय हुए मिलावटखोर, नकली घी और डेयरी उत्पादों की बड़ी खेप जब्त
Dehradun, 08 October: त्योहारों की चमक बढ़ी तो मिलावटखोर भी सक्रिय हो गए। दीपावली और नवरात्र जैसे पर्वों के बीच उत्तराखंड में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने राज्यभर में व्यापक छापेमारी अभियान चलाते हुए नकली घी, मिल्क पाउडर और डेयरी उत्पादों की बड़ी खेप जब्त की है।
अधिकारियों के अनुसार, पकड़े गए कई उत्पादों पर एफएसएसएआई (FSSAI) का लेबल या गुणवत्ता प्रमाणपत्र नहीं मिला, जिससे यह संदेह गहरा गया कि ये बाहरी राज्यों से अवैध रूप से सप्लाई किए जा रहे थे।
विकासनगर, भगवानपुर और ऋषिकेश में छापेमारी अभियान
मंगलवार को विकासनगर के दर्रारीट क्षेत्र में FDA और पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए संदिग्ध खाद्य पदार्थों की जांच की। विकासनगर, हरबर्टपुर और सहसपुर के कई प्रतिष्ठानों में औचक निरीक्षण कर खुले पनीर और दूध उत्पादों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। वहीं भगवानपुर के बालेकी यूसुफपुर गांव में एक वाहन से बिना लेबल और मानक के डेयरी उत्पाद पकड़े गए।
सभी उत्पाद जब्त कर वाहन चालक और सप्लायर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। ऋषिकेश में FDA टीम ने पांच कुंतल क्रीम, 35 किलो घी और 50 किलो स्किम्ड मिल्क पाउडर से भरा एक वाहन पकड़ा, जिसके पास किसी भी प्रकार का गुणवत्ता प्रमाणपत्र नहीं था।
नमूनों की जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने निर्देश दिए हैं कि जब्त किए गए सभी नमूनों की प्रयोगशाला जांच शीघ्रता से कराई जाए, ताकि दोषियों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान खाद्य सुरक्षा से समझौता करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
उपभोक्ताओं से अपील: सतर्क रहें, लेबल जांचें
FDA ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे किसी भी खाद्य वस्तु को खरीदते समय एफएसएसएआई नंबर, पैकेजिंग, निर्माण तिथि और कंपनी का नाम अवश्य जांचें। यदि कोई संदिग्ध उत्पाद या विक्रेता दिखे, तो उसकी जानकारी तुरंत एफडीए हेल्पलाइन या स्थानीय कार्यालय को दें।
कैसे करें असली और नकली घी की पहचान
| परीक्षण विधि | पहचान का तरीका / परिणाम |
|---|---|
| 1. पिघलाने पर सुगंध | असली घी गर्म करने पर हल्की, प्राकृतिक खुशबू देता है; जबकि नकली घी में रासायनिक या तीखी गंध आती है। |
| 2. फ्रिज टेस्ट | असली घी समान रूप से जमता है, नकली घी पर परतें बनती हैं या रंग असमान दिखाई देता है। |
| 3. पानी टेस्ट | असली घी गर्म पानी में ऊपर तैरता है, जबकि नकली या मिलावटी घी नीचे बैठ जाता है। |
| 4. आयोडीन टेस्ट | यदि घी में वनस्पति तेल मिला हो तो आयोडीन डालने पर उसका रंग नीला पड़ जाता है। |
| 5. लेबल जांच | खरीदते समय हमेशा पैक पर एफएसएसएआइ (FSSAI) नंबर, कंपनी का नाम, निर्माण तिथि और पैकेजिंग अवश्य जांचें। |
उपभोक्ताओं के लिए सुझाव:
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केवल सीलबंद पैक घी या डेयरी उत्पाद ही खरीदें।
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बिना लेबल या खुला सामान खरीदने से बचें।
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किसी संदिग्ध उत्पाद की जानकारी तुरंत एफडीए हेल्पलाइन या स्थानीय खाद्य सुरक्षा कार्यालय को दें।
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