मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पहल को युवाओं के समग्र विकास के लिए बताया महत्वपूर्ण
Haridwar/Pune, 16 March: उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहल के तहत पुणे जिले के दौंड तालुका के बोरीबेल में लाइफ ट्रांसफॉर्मेशन सेंटर का उद्घाटन किया गया। यह केंद्र डॉ. राहुल वी. कराड द्वारा अपनी माता उर्मिला वी. कराड की स्मृति में स्थापित किया गया है, जिन्होंने इस केंद्र की अवधारणा की थी। केंद्र का उद्देश्य अनुभवात्मक और मूल्य आधारित शिक्षा के माध्यम से छात्रों को प्रकृति, समाज और अपने आंतरिक स्व से जोड़कर उनके समग्र विकास को बढ़ावा देना है।
उद्घाटन समारोह में आध्यात्मिक गुरु स्वामी रामदेव और अंतरराष्ट्रीय ट्रैप शूटर व राजीव गांधी खेल रत्न तथा अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित रोंजन सोढ़ी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के संस्थापक अध्यक्ष विश्वधर्मी प्रो. डॉ. विश्वनाथ दा. कराड ने की।

इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, कृषि मंत्री दत्तात्रय विठोबा भरणे, लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल के वीडियो संदेश साझा किए गए। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कार्यक्रम में वर्चुअली भाग लिया।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज के युवाओं को प्रतिस्पर्धा और डिजिटल विचलनों के बीच जीवन के वास्तविक मूल्यों से जोड़ना आवश्यक है। लाइफ ट्रांसफॉर्मेशन सेंटर युवाओं को प्रकृति, कृषि, अनुशासन और आध्यात्म से जोड़कर एक सकारात्मक दिशा देगा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस पहल को महाराष्ट्र की संत और समाज सुधारकों की परंपरा से जुड़ा बताते हुए कहा कि यह केंद्र छात्रों में आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रनिर्माण की भावना विकसित करेगा।
स्वामी रामदेव ने कहा कि शिक्षा केवल अकादमिक उपलब्धि तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि युवाओं में चरित्र, मूल्य और राष्ट्रीय जिम्मेदारी का विकास भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
डॉ. राहुल कराड ने बताया कि यह केंद्र पांच प्रमुख स्तंभों—कृषि और प्रकृति, आध्यात्म और शांति, खेल और शारीरिक फिटनेस, टीम बिल्डिंग और नेतृत्व, तथा देशभक्ति और राष्ट्रनिर्माण—पर आधारित है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों के शारीरिक, बौद्धिक और भावनात्मक विकास को बढ़ावा दिया जाएगा।
सादगी और सजग जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र में मोबाइल फोन और सोशल मीडिया से दूरी रखते हुए न्यूनतावाद की अवधारणा को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। यह पहल युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनने और राष्ट्रनिर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करेगी।
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