Silver Gold Rates: गिरावट के बाद बाजार में ठहराव, निवेशक सतर्क
New Delhi/Dehradun, 03 February: पिछले कुछ दिनों से सोना और चांदी के दाम कभी तेजी से बढ़े, तो कभी अचानक गिर गए। ऐसे माहौल में आज बाजार में एक अलग तस्वीर दिखी—दाम न ज़्यादा बढ़े, न ज़्यादा गिरे। यानी बाजार थोड़ा ठहर गया।
इसका सीधा मतलब है कि फिलहाल लोग न तो घबराकर बेच रहे हैं और न ही जल्दबाज़ी में खरीदारी कर रहे हैं।
आज के Silver Gold Rates क्या संकेत दे रहे हैं?
आज (Silver Gold Rates) सोना और चांदी दोनों ही सीमित दायरे में स्थिर नजर आए। हालिया गिरावट के बाद बाजार में बड़ी बिकवाली नहीं दिखी, जिससे साफ है कि कीमतों ने फिलहाल सपोर्ट पकड़ लिया है।
- 24 कैरेट सोना: लगभग ₹15,000 प्रति ग्राम के आसपास बना रहा
- 22 कैरेट सोना: करीब ₹14,000 प्रति ग्राम
- चांदी: ₹2.6 से ₹2.8 लाख प्रति किलो के बीच कारोबार करती दिखी
(सोना–चांदी के बेंचमार्क रेट्स भारत में India Bullion and Jewellers Association (IBJA) द्वारा जारी किए जाते हैं, जिन्हें सर्राफा बाजार में मानक माना जाता है।)
यह ट्रेंड बताता है कि बाजार अभी वेट-एंड-वॉच मोड में है। खरीदार और निवेशक अगली दिशा के संकेतों—अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल और घरेलू मांग—का इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल राहत है, लेकिन तेज़ मूवमेंट की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
अचानक स्थिरता क्यों आई?
असल वजह है अनिश्चितता।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर, ब्याज दरें और वैश्विक हालात—तीनों को लेकर अभी साफ तस्वीर नहीं है। ऐसे में बड़े निवेशक फिलहाल इंतज़ार कर रहे हैं। जब बड़े खिलाड़ी रुकते हैं, तो बाजार भी थोड़ा शांत हो जाता है।
क्यों थमे Silver और Gold के दाम?
बाजार जानकारों के मुताबिक, हालिया गिरावट के बाद अब बिकवाली का दबाव कम हुआ है।
इसके पीछे मुख्य कारण हैं—
- अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सीमित उतार-चढ़ाव
- डॉलर और बॉन्ड यील्ड में स्थिरता
- बजट के बाद मुनाफावसूली थमना
- घरेलू मांग का सहारा
सर्राफा बाजार में कैसा है मूड?
आज बाजार में खरीदारी बेहद सीमित रही। ज्वैलर्स और निवेशक दोनों ही वेट-एंड-वॉच की रणनीति अपनाए हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह ठहराव आगे की दिशा तय होने से पहले का संकेत हो सकता है।
खरीदारी का सही समय या सिर्फ अस्थायी राहत?
- आम खरीदारों के लिए: शादी-विवाह के सीजन को देखते हुए थोड़ी-थोड़ी खरीदारी फायदेमंद हो सकती है।
- लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए: चरणबद्ध निवेश पर विचार किया जा सकता है।
- शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स के लिए: बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, सावधानी जरूरी है।
आगे कीमतों का रुख क्या रहेगा?
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय आर्थिक आंकड़े, डॉलर-रुपये की चाल और वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक घटनाएं सभी मिलकर सोना-चांदी (Silver Gold Rates) की कीमतों की दिशा तय करेंगी।
Silver Gold Rates गिरावट के बाद फिलहाल थमे जरूर हैं, लेकिन इसे पूरी तरह खरीदारी का संकेत मानना जल्दबाजी हो सकती है। बाजार में राहत है, पर अस्थिरता का खतरा अभी टला नहीं है।
डिस्क्लेमर:
यहां बताए गए (Silver Gold Rates) सोना-चांदी के भाव विश्वसनीय और सत्यापित बाजार स्रोतों (बुलियन बेंचमार्क) पर आधारित हैं। अलग-अलग शहरों और ज्वेलरों के अनुसार टैक्स, जीएसटी और मेकिंग चार्ज के कारण अंतिम खरीद दरों में अंतर हो सकता है। खरीदारी या निवेश से पहले स्थानीय ज्वेलर से पुष्टि करना उचित है।
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