UKSSSC Paper Leak: SIT जांच शुरू, सेक्टर मजिस्ट्रेट और प्रोफेसर सस्पेंड
Dehradun, 25 September: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय परीक्षा में हुआ पेपर लीक कांड अब बड़ा तूल पकड़ चुका है। सरकार ने इस पूरे मामले पर जीरो टॉलरेंस दिखाते हुए हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज की निगरानी में विशेष जांच टीम (SIT) गठित कर दी है। शुरुआती जांच में भारी लापरवाही सामने आने पर हरिद्वार के सेक्टर मजिस्ट्रेट के.एन. तिवारी और टिहरी की असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि प्रोफेसर सुमन ने प्रश्नपत्र का स्क्रीनशॉट बाहर भेजा, जिसके बाद यह वायरल हुआ।
मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन ने बताया कि परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और अभ्यर्थियों का हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। एडिशनल एसपी स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में गठित SIT पूरे प्रदेश में परीक्षा से जुड़ी शिकायतों की जांच करेगी। निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश SIT के साथ जिलों का दौरा करेंगे। एक माह में जांच पूरी करने का लक्ष्य तय किया गया है, तब तक आयोग कोई नई परीक्षा कार्रवाई नहीं करेगा।
UKSSSC Paper Leak: निलंबन और कार्रवाई
हरिद्वार जिले के एक परीक्षा केंद्र से 21 सितंबर को प्रश्नपत्र का स्क्रीनशॉट बाहर जाने और वायरल होने का मामला सामने आया। इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए परीक्षा में लापरवाही बरतने पर सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं केन्द्रीय परियोजना निदेशक के. एन. तिवारी को निलंबित कर दिया गया।

वहीं, जांच में संलिप्त पाए जाने पर उच्च शिक्षा विभाग ने राजकीय महाविद्यालय अगरोड़ा, नई टिहरी की इतिहास विषय की असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। आरोप है कि उन्होंने प्रश्नपत्र का स्क्रीनशॉट बांबी पंवार नामक व्यक्ति को उपलब्ध कराया, जिसके बाद यह वायरल हुआ। साथ ही, उनके खिलाफ सॉल्वर के रूप में शामिल होने का भी संदेह है। इस मामले में रायपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। निलंबन अवधि में उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा और वे निदेशालय उच्च शिक्षा, हल्द्वानी से संबद्ध रहेंगी।
प्रारंभिक जांच में चूकें
कार्मिक विभाग की रिपोर्ट में साफ हुआ है कि परीक्षा केंद्रों पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने कर्तव्यों का ठीक से पालन नहीं किया और समय पर सतर्कता नहीं बरती। इससे परीक्षा आयोजन की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगे।
सरकार का सख्त संदेश
मुख्य सचिव ने स्पष्ट कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। खासकर विवादित हरिद्वार परीक्षा केंद्र पर लापरवाही साबित होने पर कठोर कार्रवाई होगी। सरकार ने अधिकारियों-कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि परीक्षा जैसे संवेदनशील कार्यों में पूर्ण सतर्कता और जवाबदेही सुनिश्चित करें।
शासन का यह कदम परीक्षा व्यवस्था में सुधार, पारदर्शिता बनाए रखने और अभ्यर्थियों के विश्वास को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
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