शादियों के सीज़न से पहले सोने-चांदी के दाम चढ़े
New Delhi/Dehradun, 13 September: भारत में सोना और चांदी दोनों के भावों में कम होने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार को सोना और चांदी, दोनों ने ही मार्केट में चमक बिखेर दी। MCX पर अक्टूबर गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट 0.34% चढ़कर ₹1,09,356 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि दिसंबर सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट 1.50% की उछाल के साथ चांदी ने ₹1,28,840 का नया रिकॉर्ड भी बना डाला।
एक दिन में ₹1000 बढ़ी चांदी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की कमजोरी और निवेशकों की सुरक्षित पनाहगाह की ओर रुझान के चलते घरेलू सर्राफा बाजार में कीमतों में उछाल देखा गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की मांग और डॉलर इंडेक्स में हल्की गिरावट का असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई दिया। सर्राफा बाजार में बीते तीन दिनों में 24 कैरेट सोना प्रति 10 ग्राम में लगभग ₹700 तक महंगा हुआ, वहीं चांदी के दाम प्रति किलोग्राम करीब ₹700 से ₹1000 तक बढ़े।
11 दिन में रोज़ाना ₹369 बढ़ा सोना
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (MCX) के अनुसार सोना दो सितंबर को जहां करीब ₹500 की तेजी के साथ ₹1,05,300 प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा था, वहीं 13 सितंबर को 24 कैरेट गोल्ड रेट ₹1,09,356 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। यानी 2 सितंबर से 13 सितंबर तक मात्र 11 दिनों में सोने के रेट में करीब 3.85% की तेजी रही। बढ़ते दामों पर गौर करें तो सोने के रेट में रोज़ाना औसतन करीब ₹369 की तेजी आई।

चांदी में रोज़ाना औसतन करीब ₹326 की तेजी
चांदी के भाव पर भी गौर करें तो अपने रिकॉर्ड स्तर के भाव ₹1,05,937 को पीछे छोड़ते हुए 2 सितंबर के चांदी ने नया इतिहास रचते हुए ₹1,25,249 प्रति किलोग्राम का उच्चतम स्तर बनाया था। लेकिन बढ़त का सह सफर यहीं नहीं थमा। 11 दिन में Silver (चांदी) ने यह रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। 13 सितंबर को MCX पर दिसंबर सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट 1.50% की उछाल के साथ चांदी ने ₹1,28,840 का नया रिकॉर्ड भी बना डाला। यानि यहां भी महज 11 दिनों में चांदी के रेट में रोज़ाना औसतन करीब ₹326 की तेजी देखने को मिली।
दिवाली से शादियों तक बढ़ेगी मांग, बढ़गें दाम
भारत में पारंपरिक रूप से दिवाली और शादी-ब्याह के सीजन में सोना-चांदी की खरीद हमेशा से चरम पर रहती है। इस बार भी स्थिति कुछ अलग नहीं दिख रही। सर्राफा कारोबारी मानते हैं कि आने वाले हफ्तों में जैसे-जैसे दिवाली का त्योहार और शादी का सीजन नज़दीक आएगा, कीमती धातुओं की मांग में और उछाल देखने को मिलेगा। कई परिवार पहले से ही आभूषण खरीदने की तैयारी में जुट गए हैं, ताकि बढ़ते भावों से पहले ही खरीदारी पूरी कर सकें। साथ ही, बढ़ती आमदनी, बेहतर आर्थिक स्थिति और उपभोक्ताओं में सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने-चांदी की बढ़ती लोकप्रियता भी मांग को और बढ़ावा दे रही है।
निवेशकों का बढ़ता भरोसा
शेयर बाजार की अस्थिरता और वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों का रुझान कीमती धातुओं की ओर और भी तेज़ी से बढ़ा है। फेडरल रिजर्व द्वारा संभावित ब्याज दरों में कटौती की अटकलों ने भी सोने-चांदी के दामों में नई जान फूंक दी है। आर्थिक जानकारों का कहना है कि ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक रुझान ऐसे ही जारी रहे, तो आने वाले दिनों में सोना अपना पिछला रिकॉर्ड तोड़ सकता है और चांदी की रफ्तार भी बनी रह सकती है।

चांदी ने छुआ आसमान

उत्तराखंड की बात करें तो पिछले तीन दिन में सोने के भाव में तीन हज़ार की तेज़ी देखने को मिली। वहीं दूसरी ओर चांदी से अपने सारे रिकार्ड तोड़ते हुए बीते तीन में पांच हज़ार की तेज़ी का आंकड़ा पार कर दिया। देहरादून युवा सर्राफा मंडल के सचिव और राजपुर रोड स्थित ज़ेवर ज्वैलर्स के स्वामी गौरव रस्तोगी ने बताया कि बीते 11 दिनों में सोने-चांदी के दामों ने जिस तरह रफ्तार पकड़ी है, उसका असर आने वाले दिनों में और तेज़ हो सकता है। शनिवार को देहरादून में 22 कैरेट सोना ₹1,03,420 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹1,32,000 प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर ट्रेड कर रही है। बीते दिन की तुलना में अकेली चांदी ने तकरीबन ₹1000 की बढ़ोतरी की छलांग लगाई। रस्तोगी के मुताबिक,आने वाले महीनों में ज्वेलरी इंडस्ट्री को झटका लग सकता है। ग्राहकों को बनाए रखने के लिए कई ज्वेलर्स EMI और किस्तों पर गहने उपलब्ध कराने की स्कीम ला रहे हैं। कुछ ही हफ़्तों में शादी का सीज़न ज़ोर पकड़ेगा, ऐसे में महकते फूलों और शादी की शहनाइयों के बीच सोने-चांदी की चमक आम आदमी की जेब पर भारी पड़ सकती है।
बढ़ती कीमतों के बीच ज्वेलरी के नए विकल्प
सोने के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचने के बाद लोग अब पारंपरिक गहनों के बजाय बजट-फ्रेंडली ज्वेलरी की ओर रुख कर रहे हैं। शादी-ब्याह और खास मौकों पर परंपरा निभाने के साथ-साथ ट्रेंड और जेब दोनों का ध्यान रखा जा रहा है।
- मिनिमल और लाइटवेट ज्वेलरी
भारी नेकलेस और कंगनों की जगह अब लोग हल्के नेकलेस, पतली रिंग्स और सिंपल ब्रेसलेट्स चुन रहे हैं। मिनिमल ज्वेलरी न सिर्फ ट्रेंडी है बल्कि रोज़मर्रा में पहनने लायक भी है।
- 18K और 14K गोल्ड ज्वेलरी
जहाँ पहले 22K और 24K गोल्ड खरीदने का चलन था, वहीं अब लोग 18 कैरेट और 14 कैरेट गोल्ड ज्वेलरी को प्राथमिकता दे रहे हैं। यह किफायती है और डिज़ाइनों की बड़ी रेंज भी उपलब्ध कराता है।
- गोल्ड प्लेटेड और इमीटेशन ज्वेलरी
शादियों और बड़े आयोजनों के लिए कई परिवार हाई-क्वालिटी इमीटेशन या गोल्ड प्लेटेड ज्वेलरी खरीद रहे हैं। ये दिखने में असली जैसे लगते हैं और खर्च भी काफी कम आता है।
- सिल्वर और प्लैटिनम का क्रेज़
युवा पीढ़ी अब सिल्वर और प्लैटिनम ज्वेलरी की ओर आकर्षित हो रही है। यह मॉडर्न लुक देता है और सोने का किफायती विकल्प बनकर उभर रहा है।
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डिस्क्लेमर: यह लेख केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। ऊपर दिए गए विचार और सुझाव व्यक्तिगत विश्लेषकों, MCX आंकड़ों व सर्राफ़ा बाज़ार के हैं, द इंडिया वॉक्स के नहीं। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से सलाह लें।

