Ankita Bhandari Case: CBI टीम पहुंची उत्तराखंड, जांच को मिली नई दिशा
Dehradun, 03 February: जिस मामले ने पूरे उत्तराखंड को सड़कों पर उतरने पर मजबूर कर दिया था, वही अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर लोगों के ज़हन में ताज़ा हो गया है। इंसाफ की आस लगाए बैठे परिवार, जवाब मांगती जनता और अब तक अनसुलझे सवाल—सब कुछ फिर से सामने आ गया है। सोशल मीडिया पर उठी एक आवाज़ ने इस केस को दोबारा ज़िंदा कर दिया है और अब केंद्रीय जांच एजेंसी की एंट्री के बाद उम्मीद की जा रही है कि सच्चाई आखिरकार सामने आएगी।
सीबीआई की स्पेशल क्राइम ब्रांच ने दिल्ली में एक अज्ञात वीआईपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, जिसके बाद जांच की दिशा एक बार फिर बदलती नजर आ रही है। इसी कड़ी में सोमवार को सीबीआई की एक टीम उत्तराखंड पहुंच चुकी है और माना जा रहा है कि अब केस से जुड़े उन पहलुओं पर भी काम शुरू होगा, जिन पर पहले सवाल उठते रहे हैं।
वायरल वीडियो के बाद फिर सुर्खियों में आया मामला
दरअसल, इस पूरे मामले को दोबारा चर्चा में लाने की वजह बना एक सोशल मीडिया वीडियो। भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी उर्मिला सनावर ने फेसबुक लाइव के जरिए ऐसा खुलासा किया, जिसने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी। वीडियो में उन्होंने अंकिता हत्याकांड से जुड़े एक कथित वीआईपी का जिक्र किया, जिसे उन्होंने “गट्टू” नाम से संबोधित किया।
उर्मिला ने अपने बयान में एक ऑडियो क्लिप का भी हवाला दिया, जिसमें कथित तौर पर एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य के पास इस पूरे मामले से जुड़ी अहम जानकारी होने का दावा किया गया। इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक बहस तेज हो गई।
विरोध प्रदर्शन के बीच की थी सीबीआई जांच की मांग
मामला फिर से गरमाते ही कांग्रेस समेत कई सामाजिक और महिला संगठनों ने प्रदेशभर में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिए। बढ़ते जनदबाव और लगातार उठती आवाज़ों के बीच सीबीआई जांच की मांग और तेज होती चली गई।
9 जनवरी को सीबीआई जांच की संस्तुति
आखिरकार, 9 जनवरी को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले में सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी। अब जब केंद्रीय जांच ब्यूरो ने औपचारिक रूप से केस दर्ज कर लिया है और जांच टीम उत्तराखंड में सक्रिय हो चुकी है, तो उम्मीद की जा रही है कि अंकिता हत्याकांड से जुड़े कई दबे हुए राज सामने आ सकते हैं।
Ankita Bhandari Case: आखिर क्या था मामला?
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सितंबर 2022 में उत्तराखंड की एक रिसॉर्ट कर्मचारी अंकिता भंडारी अचानक लापता हो गई थी।
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कुछ दिनों बाद अंकिता का शव चीला नहर से बराअंकिता भंडारी हत्याकांड फिर चर्चा में, अज्ञात वीआईपी पर CBI ने दर्ज किया केसमद हुआ, जिससे पूरे प्रदेश में सनसनी फैल गई।
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जांच में सामने आया कि अंकिता पर रिसॉर्ट में काम के दौरान वीआईपी मेहमानों को “स्पेशल सर्विस” देने का दबाव बनाया जा रहा था।
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आरोप है कि इसी दबाव और विरोध के चलते अंकिता की हत्या कर दी गई।
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इस मामले में रिसॉर्ट संचालक और उसके दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया, लेकिन कथित वीआईपी की पहचान कभी सार्वजनिक नहीं हो पाई।
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वीआईपी एंगल पर पर्दा पड़े रहने को लेकर सरकार और जांच एजेंसियों पर सवाल उठते रहे।
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अब एक बार फिर वीआईपी कनेक्शन को लेकर नए दावे सामने आए हैं, जिससे केस दोबारा चर्चा में आ गया है।
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