केंद्रीय बजट 2026-27: विकास, रोजगार और कर सुधारों पर सरकार का फोकस
New Delhi/Dehradun, 01 February: सरकार ने केंद्रीय बजट 2026-27 में आर्थिक विकास को गति देने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और कर व्यवस्था को सरल बनाने पर विशेष जोर दिया है। बजट में युवाओं, किसानों, महिलाओं और मध्यम वर्ग को केंद्र में रखते हुए कई नीतिगत घोषणाएं की गई हैं। सरकार का कहना है कि यह बजट समावेशी विकास के साथ देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।
बजट में बुनियादी ढांचे के लिए सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे सड़क, रेल, ऊर्जा और शहरी विकास परियोजनाओं को रफ्तार मिलेगी। सरकार का मानना है कि इससे निजी निवेश को भी प्रोत्साहन मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
कर व्यवस्था में बदलाव
सरकार ने नए आयकर कानून को अप्रैल 2026 से लागू करने की घोषणा की है। इसके तहत नियमों और प्रक्रियाओं को सरल बनाने का दावा किया गया है ताकि आम करदाता को राहत मिल सके। दंड और अभियोजन से जुड़ी प्रक्रियाओं को कम करने और मुकदमेबाजी घटाने पर भी जोर दिया गया है। विदेश यात्रा पैकेज, शिक्षा और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए कर दरों में कटौती का प्रस्ताव किया गया है।
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उद्योग और एमएसएमई को समर्थन
बजट में छोटे और मध्यम उद्योगों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के लिए विशेष फंड की घोषणा की गई है। आईटी और डिजिटल सेवाओं के लिए कर नियमों को आसान बनाने तथा विदेशी निवेश आकर्षित करने के उपाय भी शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इससे भारत को वैश्विक तकनीकी केंद्र के रूप में मजबूत पहचान मिलेगी।

रेल, ऊर्जा और परिवहन
शहरों को जोड़ने के लिए नए उच्च-गति रेल गलियारों और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन प्रणालियों के विकास की घोषणा की गई है। इसके अलावा बैटरी निर्माण, महत्वपूर्ण खनिजों और हरित ऊर्जा से जुड़ी परियोजनाओं को प्रोत्साहन देने की बात कही गई है।
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शिक्षा, कौशल और सामाजिक क्षेत्र
बजट में शिक्षा और कौशल विकास पर निवेश बढ़ाने का प्रस्ताव है। छात्राओं के लिए छात्रावास, युवाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम और नए उभरते क्षेत्रों में कौशल निर्माण पर जोर दिया गया है। कृषि क्षेत्र में डिजिटल और तकनीकी समाधान अपनाने की बात कही गई है ताकि किसानों की उत्पादकता बढ़ाई जा सके।
राजकोषीय स्थिति
सरकार ने राजकोषीय घाटे को नियंत्रित रखने और ऋण-जीडीपी अनुपात में सुधार का लक्ष्य दोहराया है। बजट में कहा गया है कि वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए विकास से जुड़े खर्च को प्राथमिकता दी जाएगी।
कुल मिलाकर, सरकार के अनुसार केंद्रीय बजट 2026-27 का उद्देश्य आर्थिक स्थिरता बनाए रखते हुए विकास को नई दिशा देना है। अब यह देखना होगा कि इन घोषणाओं का असर आने वाले समय में ज़मीनी स्तर पर किस तरह दिखाई देता है।
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