CBSE ने 2026 से कक्षा 12 की कॉपियों की जाँच के लिए लागू किया On-Screen Marking सिस्टम
New Delhi/Dehradun, 10n February: Central Board of Secondary Education (CBSE) ने 2026 की बोर्ड परीक्षाओं से कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में बड़ा बदलाव करते हुए On-Screen Marking (OSM) प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत अब कक्षा 12 की कॉपियाँ पारंपरिक तरीके से नहीं, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कंप्यूटर स्क्रीन के माध्यम से जाँची जाएँगी। हालांकि, कक्षा 10 की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 2026 में पहले की तरह भौतिक (ऑफलाइन) पद्धति से ही किया जाएगा।
CBSE के अनुसार यह निर्णय परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, तेज़ और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। देश-विदेश के 26 देशों में आयोजित होने वाली CBSE परीक्षाओं में हर वर्ष लगभग 46 लाख छात्र शामिल होते हैं, ऐसे में मूल्यांकन की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बोर्ड की प्राथमिकता रही है।
क्या है On-Screen Marking (OSM)?
On-Screen Marking के अंतर्गत छात्र उत्तर पुस्तिकाएँ पहले की तरह काग़ज़ पर ही लिखेंगे, लेकिन बाद में उन्हें स्कैन कर डिजिटल फॉर्म में परिवर्तित किया जाएगा। इसके बाद मूल्यांकनकर्ता शिक्षक कंप्यूटर या लैपटॉप की स्क्रीन पर बैठकर उत्तर पुस्तिकाओं की जाँच करेंगे और अंक दर्ज करेंगे।
CBSE के अनुसार OSM के प्रमुख लाभ
CBSE द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार On-Screen Marking से:
- अंकों की टोटलिंग में होने वाली मानवीय त्रुटियाँ समाप्त होंगी
- मूल्यांकन प्रक्रिया में स्वचालन (Automation) बढ़ेगा
- कॉपियों की जाँच तेज़ गति से पूरी हो सकेगी
- शिक्षक अपने ही स्कूल में रहकर मूल्यांकन कार्य कर सकेंगे
- उत्तर पुस्तिकाओं के परिवहन में लगने वाला समय और खर्च बचेगा
- परिणाम के बाद अंकों के सत्यापन (Verification) की आवश्यकता लगभग समाप्त हो जाएगी
- देश-विदेश के सभी संबद्ध स्कूलों के शिक्षकों की भागीदारी संभव होगी
- यह प्रक्रिया पर्यावरण के अनुकूल (Paper-less support) मानी जा रही है
स्कूलों को करनी होगी तकनीकी तैयारी
CBSE ने सभी संबद्ध स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे समय रहते निम्नलिखित व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करें:
- कंप्यूटर लैब के साथ Public Static IP
- Windows 8 या उससे ऊपर का ऑपरेटिंग सिस्टम
- न्यूनतम 4 GB RAM और पर्याप्त स्टोरेज
- तेज़ और स्थिर इंटरनेट कनेक्शन (कम से कम 2 Mbps)
- निर्बाध बिजली आपूर्ति (Power Backup)
- अपडेटेड इंटरनेट ब्राउज़र और Adobe Reader
CBSE देगा प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग
OSM प्रणाली को सुचारु रूप से लागू करने के लिए CBSE द्वारा:
- शिक्षकों को OASIS ID के माध्यम से सिस्टम से परिचित कराया जाएगा
- ड्राई-रन और प्रैक्टिस सेशन आयोजित किए जाएँगे
- विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएँगे
- तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए कॉल सेंटर की व्यवस्था होगी
- चरणबद्ध इंस्ट्रक्शनल वीडियो जारी किए जाएँगे
CBSE के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक रणवीर सिंह का कहना है,
“On-Screen Marking परीक्षा मूल्यांकन व्यवस्था में एक दूरगामी सुधार है। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि मूल्यांकन की गति और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा। शिक्षकों पर अनावश्यक प्रशासनिक दबाव भी कम होगा और परिणाम अधिक विश्वसनीय होंगे।”
उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआती चरण में स्कूलों को तकनीकी तैयारियों पर विशेष ध्यान देना होगा, लेकिन लंबे समय में यह प्रणाली सभी हितधारकों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी।
CBSE द्वारा कक्षा 12 के लिए On-Screen Marking की शुरुआत को डिजिटल परीक्षा सुधारों की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। यदि यह प्रणाली प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो आने वाले वर्षों में बोर्ड परीक्षाओं का मूल्यांकन अधिक सटीक, तेज़ और भरोसेमंद बन सकता है।
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