केंद्रीय सतर्कता आयुक्त ने पीएनबी मुख्यालय का दौरा किया
पारदर्शिता को सशक्त बनाने के लिए डिजिटल पहलों और ‘विजिलेंस मैनुअल 2025’ का अनावरण
Dehradun, 11 November: देश के अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) ने पारदर्शिता और जवाबदेही को मज़बूत करने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है। केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (सीवीसी) प्रवीण कुमार श्रीवास्तव ने पीएनबी के कॉर्पोरेट कार्यालय का दौरा कर बैंक की नई डिजिटल सतर्कता पहलों का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम के दौरान ‘विजिलेंस मैनुअल 2025’ के पांचवें संस्करण और त्रैमासिक पत्रिका ‘पीएनबी विजिल’ (सितंबर 2025 अंक) का विमोचन किया गया। इस अवसर पर प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अशोक चंद्र, कार्यपालक निदेशक बिभु प्रसाद महापात्र, मुख्य सतर्कता अधिकारी राघवेंद्र कुमार सहित बैंक के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
डिजिटल पारदर्शिता की नई दिशा
पीएनबी ने पारदर्शी संचालन को बढ़ावा देने के लिए कई प्रमुख डिजिटल पहलों की शुरुआत की है, जिनमें कर्मचारी जवाबदेही पोर्टल का पूर्ण डिजिटलीकरण, आचरण जोखिम ढांचा (कर्मचारियों के लिए) और प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना के लिए डिजिटल समाधान शामिल हैं।
इन पहलों का उद्देश्य बैंकिंग संचालन में दक्षता, जवाबदेही और नैतिकता को नई दिशा देना है।
“सतर्कता भय से नहीं, प्रतिबद्धता से प्रेरित हो”
केंद्रीय सतर्कता आयुक्त प्रवीण कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि हमारा लक्ष्य ऐसी सतर्कता संस्कृति का निर्माण करना है जहां कार्य दंड के भय से नहीं बल्कि सही काम करने की प्रतिबद्धता से प्रेरित हों। उन्होंने कहा कि ऐसी संस्कृति बैंक, अर्थव्यवस्था और राष्ट्र तीनों के विकास में योगदान देती है।
प्रबंध निदेशक एवं सीईओ अशोक चंद्र ने कहा कि भारत जब 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है, तब पीएनबी की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। बैंक सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और सुशासन के मूल्यों पर आधारित सतत और समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्य सतर्कता अधिकारी राघवेंद्र कुमार ने कहा कि डिजिटल पहलों के माध्यम से बैंक हर प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित कर रहा है।
विजिलेंस सप्ताह में देशव्यापी भागीदारी
सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2025 के तहत पीएनबी ने देशभर में एक लाख से अधिक कर्मचारियों और ग्राहकों को जोड़ा। 11 हजार एटीएम और मोबाइल ऐप्स पर सतर्कता संदेश प्रदर्शित किए गए तथा आठ हजार से अधिक ग्राम सभाओं में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
बैंक ने रक्तदान शिविरों में 4300 यूनिट रक्त एकत्र किया और सतर्कता योद्धाओं को सम्मानित किया।
नैतिक बैंकिंग की दिशा में कदम
पीएनबी की नई डिजिटल पहलें पारदर्शी संचालन, नैतिक शासन और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में बैंक की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। बैंक का उद्देश्य विश्वसनीयता, ईमानदारी और उत्तरदायित्व को अपनी हर प्रक्रिया की नींव बनाना है।

