नकल कांड: SIT की छानबीन में नहीं मिलीं किताबें-नोट्स, आवेदन पत्रों ने खोला नया राज़
Dehradun, 01 October: नकल विरोधी कानून के तहत दर्ज प्रकरण की तहकीकात कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) को अभियुक्त खालिद की भूमिका पर नए सिरे से गहरी शंका हो गई है। टीम ने जब उसके घर पर तलाशी अभियान चलाया तो उम्मीद थी कि पुस्तकें, नोट्स या अध्ययन सामग्री बरामद होगी, लेकिन वहां से ऐसा कुछ नहीं मिला। यह खुलासा जांच को एक अलग मोड़ पर ले गया है—जहाँ सवाल यह उठने लगा है कि क्या खालिद कभी गंभीरता से पढ़ाई करने वाला अभ्यर्थी था भी, या फिर उसकी भूमिका किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा थी?
आवेदन तो कई, पर परीक्षा में प्रदर्शन कमजोर
जांच में खुलासा हुआ है कि खालिद ने 2023 से 2025 के बीच नौ प्रतियोगी परीक्षाओं में आवेदन किया। इनमें से पाँच परीक्षाओं में उसने आवेदन तो किया पर शामिल नहीं हुआ, जबकि जिन चार परीक्षाओं में शामिल हुआ, उनमें उसका प्रदर्शन बेहद खराब रहा और कम अंक हासिल हुए। इससे एसआईटी को संदेह है कि अभियुक्त का मकसद परीक्षा पास करना नहीं बल्कि किसी अनियमित तंत्र का फायदा उठाना रहा हो सकता है।
योग्यता से परे आवेदन
एसआईटी को यह भी पता चला है कि खालिद ने कुछ ऐसी परीक्षाओं के लिए भी आवेदन किया, जिनकी शैक्षिक पात्रता वह पूरी नहीं करता था। यह तथ्य जांच को और पेचीदा बना रहा है। टीम को शक है कि यह कोई व्यक्तिगत प्रयास नहीं बल्कि संगठित षड्यंत्र का हिस्सा हो सकता है।
नेटवर्क की तलाश
टीम अब खालिद द्वारा किए गए सभी आवेदनों, प्रवेश पत्रों और प्राप्तांकों का बारीकी से विश्लेषण कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या वह किसी नेटवर्क या बाहरी सहयोग से जुड़ा था। जांच जारी है और एसआईटी ने साफ़ किया है कि आवश्यकतानुसार और भी साक्ष्य जुटाए जाएंगे।
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