हरिद्वार में दहेज की आग में जली एक और बेटी
Haridwar, 13 October: एक बार फिर समाज को झकझोर देने वाली खबर उत्तराखंड से आई है, जहां दहेज की भूख ने एक और बेटी की ज़िंदगी निगल ली। शादी को मुश्किल से एक साल भी नहीं हुआ था कि सपनों से सजी वह ज़िंदगी राख में बदल गई। हरिद्वार के रोशनाबाद क्षेत्र में एक विवाहिता को उसके ही ससुराल पक्ष ने पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया। इस निर्मम घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश की लहर दौड़ा दी है। महिलाएं, सामाजिक संगठन और आम लोग एक ही सवाल पूछ रहे हैं कि आख़िर कब तक बेटियाँ दहेज की वेदी पर जलती रहेंगी?
एक साल पुराना रिश्ता बना दर्दनाक कहानी
घटना रोशनाबाद क्षेत्र के एक गांव की है। 24 वर्षीय भारती की शादी अक्टूबर 2024 में आशीष कुमार पुत्र विजय पाल से हुई थी। परिवार में सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन कुछ महीनों बाद ससुराल वालों ने दहेज की मांग शुरू कर दी। भारती की बहन ने बताया कि उन्होंने कई बार समझाने की कोशिश की, लेकिन उनका लालच बढ़ता गया। 24 सितंबर को बेटी के जन्म के बाद से भारती पर अत्याचार और बढ़ गया। और 11 अक्टूबर की रात, उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई।
एम्स ऋषिकेश में जिंदगी और मौत के बीच जंग
गंभीर रूप से झुलसी भारती को तत्काल एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, वह 80 प्रतिशत तक झुलस चुकी है और उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
पड़ोसियों का कहना है कि जब उन्होंने चीखें सुनीं तो बाहर दौड़े और किसी तरह आग बुझाई। मगर तब तक भारती पूरी तरह जल चुकी थी।
महिला आयोग ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने इस घटना को मानवता को शर्मसार करने वाला कृत्य बताया। उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ एक महिला का नहीं, पूरे समाज की संवेदना का है। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। कानून के तहत कठोरतम सजा दिलाई जाएगी।
कंडवाल ने हरिद्वार के एसएसपी प्रमेन्द्र डोभाल को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं और पीड़िता के परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया है।
पुलिस जांच तेज, आरोपी परिवार फरार
एसओ सिडकुल ने बताया कि पति, ससुर, सास, ननद और जेठ सहित पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही हैं। मामले की जांच आईपीसी की धारा 307, 498A और दहेज निषेध अधिनियम के तहत की जा रही है।
जनता में आक्रोश, न्याय की मांग तेज
घटना के बाद से ही हरिद्वार और आसपास के इलाकों में आक्रोश और विरोध का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब वक्त है कि ऐसे मामलों में त्वरित अदालतें बनें और दोषियों को तुरंत फांसी मिले। सोशल मीडिया पर भी #JusticeForBharti ट्रेंड कर रहा है।

