H-1B Visa 2025: भारत के IT Students और Professionals की बढ़ेंगी मुश्किलें
New Delhi/Dehradun, 21 September: अमेरिका में करियर बनाने का सपना हर भारतीय IT प्रोफेशनल और छात्र के लिए आकर्षक रहा है। लेकिन अब H-1B Visa की बढ़ी हुई फीस ने इस सपने को महंगा और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। जानिए कैसे ये बदलाव आपके करियर और भविष्य को प्रभावित कर सकता है।
आज से लागू होगा बदलाव
अमेरिकी राष्ट्रपति ने शुक्रवार को अचानक H-1B वीज़ा शुल्क में भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया है। नए नियमों के अनुसार, कुछ श्रेणियों में यह शुल्क $100,000 (लगभग 88 लाख रुपये) तक पहुँच सकता है। यह बदलाव 21 सितंबर 2025 से लागू होगा।
किनके लिए है H-1B Visa
H-1B Visa उन कुशल विदेशी पेशेवरों के लिए है, जो अमेरिका में काम करना चाहते हैं, खासकर IT और टेक्नोलॉजी सेक्टर में। अमेरिका का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देना और वीज़ा दुरुपयोग रोकना है।
भारतीय IT पेशेवरों पर असर
H-1B वीज़ा भारत के कई इंजीनियर्स और आईटी पेशेवरों के लिए अमेरिका में करियर बनाने का सबसे बड़ा रास्ता रहा है। नई फीस संरचना से छोटे और मंझोले IT स्टार्टअप्स को मुश्किल होगी, क्योंकि उन्हें नए कर्मचारियों की हायरिंग पर ज्यादा खर्च करना पड़ेगा।

युवा और विद्यार्थियों के लिए चुनौती
दी टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक जो युवा अमेरिका में higher studies या internship के बाद काम करना चाहते हैं, उनके लिए यह वीज़ा लेना महंगा और मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में जिन लाखों भारतीय परिवारों के सपने हैं कि उनके बच्चे अमेरिका में करियर बनाएं। नई फीस और बढ़ते खर्च से ऐसे कई परिवारों को अपने बच्चों के लिए बनाई योजनाओं पर दुबारा सोचने पर मजबूर होना पड़ेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय IT छात्र जो America में job की तैयारी कर रहे हैं, यह बदलाव उनके career planning को सीधे प्रभावित करेगा। परिवार और विद्यार्थियों को अब alternate career strategies जैसे Europe, Canada या अन्य देशों में internship और job opportunities पर भी ध्यान देना होगा।
नई फीस के बाद विदेश में करियर के विकल्प
H-1B वीज़ा की इस बढ़ी हुई फीस के बाद भारतीय IT छात्रों और पेशेवरों के लिए अब करियर योजना और वैकल्पिक अवसरों पर ध्यान देना बेहद जरूरी हो गया है। कई युवा अब केवल अमेरिका पर निर्भर रहने के बजाय कनाडा, यूरोप या ऑस्ट्रेलिया जैसे अन्य देशों में नौकरी और इंटर्नशिप के अवसरों पर भी ध्यान दे रहे हैं। इसके अलावा, दूरस्थ (remote) नौकरियां और फ्रीलांसिंग प्लेटफ़ॉर्म भी एक नया विकल्प बनकर उभर रहे हैं, जो कम खर्च में लचीले (flexible) करियर अवसर प्रदान करते हैं। इस बदलाव के समय, सही जानकारी और समय पर निर्णय लेना ही करियर में स्थिरता और सफलता ला सकता है।
कंपनियों और इंडस्ट्री की प्रतिक्रिया
- बड़े IT हाउस और मल्टीनेशनल कंपनियां: कुछ का कहना है कि यह कदम उनकी hiring plans को प्रभावित करेगा।
- छोटे और मंझोले स्टार्टअप्स: अतिरिक्त खर्च के कारण नए talent को लाना मुश्किल होगा।
- इमिग्रेशन विशेषज्ञ: सभी H-1B Visa applicants को सलाह दे रहे हैं कि वे जल्दी से जल्दी वीज़ा प्रक्रिया पूरी करें, वरना उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
क्या उम्मीद की जा सकती है?
- कुछ कंपनियां भारतीय IT कर्मचारियों को भारत में ही remote काम करने का विकल्प दे सकती हैं।
- युवा professionals के लिए alternative career paths सोचना ज़रूरी हो जाएगा।
- यह कदम लंबे समय में अमेरिका की IT इंडस्ट्री को भी प्रभावित कर सकता है, क्योंकि skilled workforce की supply सीमित होगी।
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