ITR Due Date 2025: 13 सितंबर तक 6 करोड़ से ज्यादा दाखिल
Dehradun, 14 September: Income Tax Return (ITR) फाइलिंग के लिए अब केवल एक ही दिन बाकी है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ITR फाइलिंग की डेडलाइन 15 सितंबर यानि सोमवार को दिन आख़िरी है। अब तक 6 करोड़ से अधिक रिटर्न दाखिल हो चुके हैं। आयकर विभाग ने करदाताओं से अपील की है कि वे अंतिम समय की भीड़ और तकनीकी दिक़्क़तों से बचने के लिए निर्धारित समय से पहले ही रिटर्न फाइल करें। करदाताओं की सुविधा के लिए विभाग ने 24×7 सहायता उपलब्ध कराई है।

ITR फाइलिंग का काउंटडाउन खत्म! 15 सितंबर आख़िरी मौका

Income Tax ITR Due Date Extension को लेकर भी पिछले कुछ वक़्त से अटकले लगाई जा रही थी, कि निर्धारित तिथि आगे बढ़ेंगी। लेकिन वित्त वर्ष 2024–25 के लिए सरकार ने पहले ही 31 जुलाई की मूल समयसीमा बढ़ाकर 15 सितंबर 2025 कर दी थी। तकनीकी गड़बड़ियों और ऑडिट मामलों की जटिलताओं के चलते समयसीमा को दोबारा बढ़ाने की मांग भी उठाई गई, लेकिन लेकिन सरकार की ओर से अभी तक कोई नई घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में यदि करदाताओं को पेनल्टी से बचना है तो केवल आज यानि सोमवार का दिन ही रिटर्न फाइल करने के लिए मिलेगा।
तीन दिन से सर्वर डाउन

देहरादून के कई कर विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार को कम से कम ऑडिट-आवश्यक मामलों में समय सीमा बढ़ानी ही चाहिए। देशभर में इस तिथि को 31 दिसंबर तक बढ़ाए जाने की मांग उठ रही है, जो कि व्यवहारिक है। विशेषज्ञों को कहना कि सामान्य आईटीआर दाख़िल करने के लिए भी सरकार को कम से कम 15 दिन का अतिक्ति समय देना चाहिए। दरअसल पिछले एक महीने से आयकर विभाग की वबसाइट ठीक से कार्य नहीं कर रही है। इतना ही नहीं पिछले तीन दिन से तो वेबसाइट पर इतनी ज़्यादा परेशानी हो रही है कि आईटीआर दाख़िल करना संभव ही नहीं हो पा रहा है। 15 सितंबर आख़िरी तारीख़ है और बीते तीन दिन से सर्वर डाउन की वजह से एडवांस टेक्स चालान तक प्रोसेस नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में सरकार को अंतिम तिथि को लेकर पुन: विचार करने की आवश्यकता है।

इन कारणों से समयसीमा बढ़ाने की हो रही थी मांग?
- तकनीकी समस्याएँ:
आयकर विभाग के पोर्टल पर धीमी गति और डेटा मिसमैच की शिकायतें आईं, जिससे समय पर रिटर्न भरना मुश्किल हुआ। - दस्तावेज़ में देरी:
कई बार AIS/TIS या फॉर्म 26AS जैसी जानकारी समय पर अपडेट नहीं हुई। - प्राकृतिक आपदाएँ:
कुछ राज्यों में बाढ़ और नेटवर्क की समस्याओं के कारण टैक्स प्रोफेशनल्स को मुश्किलें आईं।
अगर 15 सितंबर तक रिटर्न नहीं भरा तो क्या होगा?
- देर से फाइलिंग पर पेनल्टी: ₹5 लाख से ज्यादा आय वालों के लिए ₹5,000 और ₹5 लाख से कम वालों के लिए ₹1,000 तक का जुर्माना।
- ब्याज और रिफंड में देरी: देर से फाइल करने पर ब्याज लग सकता है और टैक्स रिफंड भी लेट हो सकता है।
- ऑडिट मामलों में ज्यादा परेशानी: देर से फाइलिंग ऑडिट से जुड़े प्रोसेस को और जटिल बना सकती है।
करदाताओं के लिए महत्वपूर्ण सलाह
- समय पर रिटर्न भरें: अगर समयसीमा नहीं बढ़ती, तो निर्धारित समय सीमा में ITR फाइल कर दें।
- सभी दस्तावेज़ों की जांच करें: AIS/TIS, फॉर्म 26AS और बैंक स्टेटमेंट्स को ध्यान से मिलाएँ।
- टेक्निकल दिक्कतों से बचने के लिए जल्दी फाइल करें: आख़िरी दिन पोर्टल पर लोड बढ़ने से समस्या हो सकती है।
ITR Return से पहले तैयार रखें दस्तावेज़ (जैसा लागू हो):
- वर्तमान नियोक्ता का फॉर्म 16, और यदि वर्ष के बीच नौकरी बदली है तो पूर्व नियोक्ता का भी फॉर्म 16
- पैन कार्ड और आधार कार्ड (दोनों लिंक होना अनिवार्य)
- निवेश प्रमाण (जैसे बैंक डिपॉज़िट, पीपीएफ जमा आदि)
- होम लोन ब्याज प्रमाणपत्र
- बीमा प्रीमियम भुगतान की रसीदें
- फॉर्म 26AS (TRACES वेबसाइट से)
- वार्षिक सूचना विवरण (AIS)
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