नंदादेवी राजजात के पड़ावों पर सड़क, बिजली, पेयजल और पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित करने की मांग, 2027 में आयोजन पर जोर
Chamoli | 13 जून 2026
नंदादेवी राजजात यात्रा की तैयारियों और यात्रा पड़ावों पर अवस्थापना सुविधाओं के विकास को लेकर मां नंदादेवी राजराजेश्वरी समिति बधाण ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। समिति ने उपजिलाधिकारी थराली के माध्यम से जिलाधिकारी चमोली को ज्ञापन भेजकर यात्रा मार्ग और पड़ावों पर लंबित विकास कार्यों को जल्द शुरू करने की मांग उठाई।
समिति के अध्यक्ष सुशील रावत के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि नंदादेवी राजजात यात्रा मार्ग थराली-देवाल-वाण मोटर मार्ग पर हॉटमिक्स कार्य शीघ्र शुरू किया जाए। इसके अलावा यात्रा के विभिन्न पड़ावों पर प्रस्तावित विकास कार्यों को स्वीकृति प्रदान कर आवश्यक वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।
समिति ने स्पष्ट किया कि यदि वर्ष 2026 में बड़ी जात का आयोजन लोकजात के रूप में किया जाता है तो यात्रा का भव्य स्वागत किया जाएगा, लेकिन आस्था और परंपराओं से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं होगा। समिति का कहना है कि परंपरागत मान्यताओं के अनुसार नंदादेवी राजजात का आयोजन वर्ष 2027 में ही होना चाहिए।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि बड़ी जात में शामिल होने वाली गैर-परंपरागत डोलियों और राजछंतोली की व्यवस्था एवं उसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। समिति ने सिद्धपीठ कुरुड़ को पर्यटन मानचित्र पर स्थान मिलने का स्वागत करते हुए सिद्धपीठ देवराड़ा को भी पर्यटन मानचित्र में शामिल करने की मांग की।
समिति ने यात्रा पड़ावों पर सड़क, पुलिया, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, सोलर लाइट, वाहन पार्किंग और रेन शेल्टर जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास की भी मांग उठाई। उनका कहना है कि राजजात में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, ऐसे में आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूरी की जानी चाहिए।
ज्ञापन सौंपने वालों में भुवन हटवाल, पृथ्वी सिंह बुटोला, गोविंद भंडारी, डी.डी. कुनियाल, हरेंद्र नेगी, महिपाल सिंह, जय सिंह, हरेंद्र फरस्वाण और विक्रम सिंह सहित समिति के कई सदस्य मौजूद रहे।
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