इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइकोमेट्रिक काउंसलिंग में डॉ. शर्मा ने साझा किए मानसिक स्वास्थ्य के टिप्स
Dehradun, 03 November: इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइकोमेट्रिक काउंसलिंग के प्रेसिडेंट और क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. मुकुल शर्मा ने सोमवार को राज्य के ताइक्वांडो खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि शारीरिक अभ्यास के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य को संतुलित रखना भी उतना ही आवश्यक है।

डॉ. शर्मा ने युवाओं को बताया कि ताइक्वांडो की नियमित प्रैक्टिस न केवल शारीरिक फिटनेस को बढ़ाती है, बल्कि डिप्रेशन, स्ट्रेस, फोबिया, एंग्जायटी और अन्य मानसिक विकारों से भी बचाव करती है। उन्होंने कहा कि मार्शल आर्ट्स जैसी गतिविधियाँ युवाओं में धैर्य, आत्मविश्वास और फोकस को मज़बूत करती हैं, जिससे वे जीवन की हर प्रतिस्पर्धा में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
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उन्होंने खिलाड़ियों से कहा —
“ताइक्वांडो सिर्फ़ एक खेल नहीं, यह मानसिक अनुशासन और आत्म-संयम का विज्ञान है। जो अपने मन पर नियंत्रण रखता है, वही असली चैंपियन बनता है।”
कार्यक्रम में ताइक्वांडो चैंपियन मयंक दीक्षित, संस्थान के वरिष्ठ विशेषज्ञ और प्रशिक्षक भी उपस्थित रहे।
डॉ. शर्मा ने सभी युवा खिलाड़ियों को भारत का परचम विश्व स्तर पर लहराने की शुभकामनाएँ दीं और कहा कि स्वस्थ मन और सशक्त शरीर ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी हैं।
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