Nepal Violence: भारतीय दूतावास ने जारी किए Helpline नंबर
इस खबर में आप पढ़ेंगे:
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नेपाल में बढ़ती हिंसा का ताज़ा हाल
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काठमांडू होटल आग की दहशत
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भारतीय पर्यटक फंसे, दूतावास अलर्ट
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सोशल मीडिया बैन से भड़का जनाक्रोश
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प्रधानमंत्री ओली का इस्तीफा और राजनीतिक संकट
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विदेशी नागरिकों की सुरक्षा पर मंडराता खतरा
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दक्षिण एशिया पर नेपाल संकट का असर
- भारतीय दूतावास द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर
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New Delhi, 10, September: नेपाल इस समय हिंसा और दहशत की गिरफ्त में है। सोशल मीडिया बैन के खिलाफ शुरू हुआ विरोध अब बेकाबू आग में तब्दील हो चुका है। राजधानी काठमांडू में हालात इतने बिगड़ गए कि प्रदर्शनकारियों ने एक बड़े और मशहूर होटल को आग के हवाले कर दिया। आग की लपटों और धुएं से घिरे इस होटल में कई भारतीय पर्यटक फंसे हुए हैं, जिनकी सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई जा रही है। Nepal Violence को देखते हुए भरतीय दूतावास ने अपने नागरिकों को सुरक्षित रखने के प्रयास शुरू कर दिए है इतना ही नहीं दूतावास की ओर से हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं।

नेपाल पीएम को देना पड़ा इस्तीफा
नेपाल की सड़कों पर पिछले कुछ दिनों से उबाल है। खासकर युवाओं और “जेनरेशन Z” के नेतृत्व में उठी आवाज़ ने पूरे देश को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। सरकार द्वारा सोशल मीडिया पर लगाया गया प्रतिबंध लोगों के गले नहीं उतरा और विरोध इतना तेज़ हुआ कि प्रदर्शनकारियों ने कर्फ्यू की परवाह किए बिना सरकारी इमारतों और नेताओं के घरों पर हमला कर दिया। हालात इस कदर बिगड़े कि आखिरकार प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को संसद में बहुमत साबित न कर पाने के चलते पद से इस्तीफा देना पड़ा। उनके इस्तीफे के साथ ही नेपाल का राजनीतिक संकट और गहरा हो गया है।

हिंसा की आग में सुलग रहा काठमांडू
काठमांडू से मिल रही तस्वीरें रोंगटे खड़े कर देने वाली हैं। ड्रोन फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि शहर का एक प्रतिष्ठित होटल पूरी तरह जलकर राख हो चुका है। चारों ओर धुआं और मलबा फैला हुआ है। चीख-पुकार के बीच विदेशी नागरिक अपनी जान बचाने में जुटे हैं। भारतीय पर्यटकों के परिजनों की चिंता लगातार बढ़ रही है और कई लोगों ने सोशल मीडिया और फोन के ज़रिए भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई है।
Nepal Violence से पूरे दक्षिण एशिया में बेचैनी
नेपाल की राजधानी में मचे इस बवाल ने पूरे दक्षिण एशिया में बेचैनी पैदा कर दी है। राजनीतिक अस्थिरता, सोशल मीडिया बैन और अब हिंसा की इस आग ने नेपाल को एक गहरे संकट में धकेल दिया है। और इस संकट की सीधी आंच उन भारतीय नागरिकों तक भी पहुंच गई है जो पर्यटन के लिए नेपाल पहुंचे थे, लेकिन अब खुद को मौत और जिंदगी के बीच फंसा हुआ पा रहे हैं।
जारी किए हेल्पलाइन नंबर
Nepal Violence के इस भयावह माहौल ने स्थानीय लोगों के साथ-साथ वहां मौजूद विदेशी नागरिकों की चिंता भी बढ़ा दी है। हालात को देखते हुए काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास तुरंत हरकत में आ गया है। दूतावास ने आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, ताकि किसी भी भारतीय नागरिक को मदद पाने में दिक़्क़त न हो। दूतावास ने सभी भारतीय नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों से दूर रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें। साथ ही, उन्हें सलाह दी गई है कि वे दूतावास से लगातार संपर्क बनाए रखें और सोशल मीडिया या आधिकारिक चैनलों पर जारी होने वाले अपडेट को ही भरोसेमंद मानें। भारतीय दूतावास ने यह भी आश्वासन दिया है कि वह नेपाल सरकार और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर निकासी अभियान चलाने की तैयारियों में जुटा है। विशेषकर उन इलाकों में फंसे भारतीयों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। दूतावास ने साफ शब्दों में कहा है कि हर भारतीय नागरिक की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, और किसी को भी असुरक्षित माहौल में छोड़ने का सवाल ही नहीं उठता।
इन हेल्पलाइन नंबरों पर कर सकते हैं संपर्क:
- +977-9851107021
- +977-9851107025

