पुलिस आवास योजना : हर साल 100 करोड़, तीन साल में 300 करोड़ खर्च होंगे

पुलिस आवास योजना : हर साल 100 करोड़, तीन साल में 300 करोड़ खर्च होंगे

पुलिस कर्मियों के लिए 300 करोड़ की सौगात, हर साल बनेंगे नए आवास : मुख्यमंत्री धामी

Dehradun, 22 October: उत्तराखंड के पुलिस कर्मियों को जल्द ही आधुनिक आवास सुविधाएं मिलने वाली हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को पुलिस लाइन देहरादून स्थित शहीद स्मारक स्थल पर आयोजित पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम में बड़ा ऐलान किया। उन्होंने घोषणा की कि आगामी तीन वर्षों तक पुलिस कर्मियों के आवासीय भवनों के निर्माण के लिए प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जाएंगे। इस तरह कुल 300 करोड़ रुपये पुलिस आवास निर्माण पर खर्च किए जाएंगे।

प्रगति पर नए आवासीय भवनों का निर्माण कार्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हर पुलिस कर्मी को सम्मानजनक और आधुनिक आवास सुविधा उपलब्ध हो। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 688 नए आवासीय भवनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जबकि 120 अतिरिक्त आवासों का निर्माण भी जल्द शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही पुलिस बैरकों और कार्यस्थलों के उन्नयन (अपग्रेडेशन) के लिए भी पर्याप्त धनराशि दी जा रही है।

विशेष रजत जयंती पदक प्रदान किया जाएगा

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने शहीद पुलिस जवानों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिजनों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि पुलिस बल को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर सभी पुलिस कर्मियों को ‘विशेष रजत जयंती पदक’ प्रदान किया जाएगा।

पाँच नई बैरकों के निर्माण की घोषणा

धामी ने कहा कि भवाली, ढालमल्ला, नैनीडांडा, घनसाली और सतपुली में एसडीआरएफ के जवानों के लिए पाँच नई बैरकों के निर्माण की घोषणा की गई है। साथ ही पुलिस कल्याण निधि को 2.50 करोड़ से बढ़ाकर 4.50 करोड़ रुपये कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस कर्मियों से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं, जैसे वेतन, भत्ते, चिकित्सा प्रतिपूर्ति और अवकाश आदि अब पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक थाने में महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महिला हेल्प डेस्क के अंतर्गत क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) गठित की गई है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में सरकार ने पुलिस भवनों के निर्माण के लिए 500 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं, जो पूर्व वर्षों की तुलना में कई गुना अधिक है।

धामी ने पुलिस के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इस वर्ष कांवड़ यात्रा में चार करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं और चारधाम यात्रा में पचास लाख से अधिक भक्तों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने में पुलिस ने उत्कृष्ट कार्य किया है। उन्होंने कहा कि आपदाओं, भीड़ नियंत्रण, वीआईपी कार्यक्रमों और राष्ट्रीय आयोजनों में पुलिस ने तत्परता से अपनी जिम्मेदारी निभाई है।

अब तक 6199 नशे कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक युग में अपराध का स्वरूप बदल रहा है। नशे और साइबर अपराध जैसी नई चुनौतियों से निपटने के लिए राज्य में त्रिस्तरीय एंटी नारकोटिक फोर्स का गठन किया गया है। पिछले तीन वर्षों में इस फोर्स ने 6199 से अधिक नशे के कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की है और 275 करोड़ रुपये के मादक पदार्थ जब्त किए हैं।

उन्होंने बताया कि साइबर अपराध आज एक बड़ी चुनौती बन चुका है। उत्तराखंड पुलिस ने साइबर फ्रॉड के मामलों में 63 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पीड़ितों को वापस दिलाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के युग में पुलिस को एक कदम आगे रहकर कार्य करना होगा।

कार्यक्रम में डीजीपी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, बृजमोहन गैरोला, सविता कपूर, मुख्य सचिव आनंद बर्धन, मुख्य सूचना आयुक्त राधा रतूड़ी, एडीजी पी.वी.के. प्रसाद सहित बड़ी संख्या में अधिकारी और शहीदों के परिजन मौजूद रहे। सभी ने शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके अमर बलिदान को नमन किया।

 

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Ravi Priyanshu

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