कुंजापुरी मेले में मंच पर हुई तीखी नोकझोंक के बाद विवाद ने पकड़ा तूल; मिका सिंह ने मांगी थी माफी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी किया था हस्तक्षेप, अब मंत्री ने माफी की खबरों को किया खारिज।
देहरादून | 02 नवंबर, 2026
पंजाबी गायक दलेर मेहंदी और उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच शुरू हुआ विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। कुंजापुरी मेले में गायक के लाइव कार्यक्रम के दौरान मंच पर हुई तीखी बहस के बाद मामला कलाकारों के सम्मान, कार्यक्रम की जिम्मेदारी और राजनीतिक बयानबाजी तक पहुंच गया है।
मंत्री सुबोध उनियाल ने माफी मांगने की खबरों को खारिज करते हुए कहा है कि माफी मांगने का कोई सवाल ही नहीं है। उनका तर्क है कि यदि गायक की तबीयत खराब थी, तो उन्हें कार्यक्रम में आने से पहले आयोजकों और दर्शकों को इसकी जानकारी देनी चाहिए थी।
18 अक्टूबर को कुंजापुरी मेले में क्या हुआ था?
विवाद की शुरुआत 18 अक्टूबर 2026 को टिहरी गढ़वाल के नरेंद्रनगर क्षेत्र में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की सांस्कृतिक संध्या के दौरान हुई।
कार्यक्रम में दलेर मेहंदी प्रस्तुति दे रहे थे। इसी दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंचे और गायक की प्रस्तुति पर नाराजगी जताई। वायरल वीडियो में मंत्री को गायक से यह कहते सुना गया कि जब उनसे ठीक से बोला नहीं जा रहा तो वह गाना कैसे गाएंगे।
मंत्री ने गायक की शारीरिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए नशे में होने और लिप-सिंक करने के आरोप भी लगाए। हालांकि, नशे में होने का आरोप स्वतंत्र रूप से प्रमाणित नहीं हुआ है।
मिका सिंह ने किया भाई का बचाव, मांगी माफी
मामले ने तूल पकड़ा तो दलेर मेहंदी के भाई और गायक मिका सिंह खुलकर उनके समर्थन में सामने आए। मिका ने कहा कि उनके भाई शराब का सेवन नहीं करते और हाल ही में उनकी सर्जरी भी हुई थी। उन्होंने मंत्री से सार्वजनिक व्यवहार के लिए माफी मांगने की मांग की।
इसके बाद अभिनेता अनुपम खेर समेत मनोरंजन जगत की कई हस्तियों ने भी दलेर मेहंदी के समर्थन में प्रतिक्रिया दी।
मुख्यमंत्री धामी ने भी किया था हस्तक्षेप
विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दलेर मेहंदी और मिका सिंह से संपर्क किया था। मिका सिंह के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने मंत्री की ओर से खेद जताया और दोनों कलाकारों को उत्तराखंड आने का निमंत्रण भी दिया।
इसके बाद 25 अक्टूबर को मिका सिंह की टीम की ओर से बयान जारी किया गया कि सुबोध उनियाल ने फोन पर दलेर मेहंदी से माफी मांगी है। टीम ने इस पहल का स्वागत करते हुए कलाकारों के सम्मान को महत्वपूर्ण बताया था।
सुबोध उनियाल ने माफी की खबरों को क्यों नकारा?
27 अक्टूबर को सुबोध उनियाल ने मीडिया से बातचीत में माफी मांगने की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि माफी मांगने का सवाल ही नहीं उठता। मंत्री ने उल्टा सवाल किया कि उन्होंने ऐसा कौन सा अपराध किया है जिसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए।
उनियाल ने यह भी कहा कि दलेर मेहंदी को अपनी तबीयत खराब होने की जानकारी दर्शकों को देनी चाहिए थी। उन्होंने कार्यक्रम के लिए गायक को भुगतान किए जाने और दर्शकों की अपेक्षाओं का हवाला देते हुए अपनी नाराजगी दोहराई।
अब विवाद में नया मोड़
इस पूरे मामले में एक तरफ कलाकार के सम्मान और सार्वजनिक मंच पर उनके साथ किए गए व्यवहार को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो दूसरी तरफ मंत्री कार्यक्रम की गुणवत्ता और दर्शकों के पैसे के बदले उचित प्रस्तुति मिलने की जिम्मेदारी की बात कर रहे हैं।
गायक मनींदर बुट्टर ने भी मंत्री से 2019 के अपने कार्यक्रम की पूरी रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करने की मांग की थी, जिसके बाद विवाद और व्यापक हो गया। फिलहाल विवाद का केंद्र यही है कि क्या मंत्री ने वास्तव में दलेर मेहंदी से माफी मांगी थी या नहीं। दोनों पक्षों की ओर से सामने आए बयानों ने इस मामले को और चर्चा में ला दिया है।
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