राहत सीमित, महंगाई बरकरार—यूनियन बजट 2026-27 में आम आदमी के लिए क्या बदला?
New Delhi/Dehradun, 01 February: केंद्रीय बजट 2026-27 को सरकार ने भविष्य, तकनीक और विकास का बजट बताया है। लेकिन आम आदमी के लिए बजट का मतलब किसी लंबे भाषण से ज़्यादा सीधा होता है — घर का खर्च कम होगा या और बढ़ेगा?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में यूनियन बजट 2026-27 पेश किया। यह भारत का 53.5 लाख करोड़ रुपये का बजट है। इसमें कई अहम ऐलान किए गए। इस बार के बजट में कुछ चीज़ों पर राहत की उम्मीद ज़रूर दिखती है, लेकिन रोज़मर्रा की महंगाई को लेकर चिंता अब भी बनी हुई है। खासकर मिडिल क्लास और गरीब तबके के लिए यह बजट मिला-जुला असर लेकर आया है।
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क्या सस्ता हुआ | क्या महंगा रहा — यूनियन बजट 2026-27 का असर
क्या सस्ता हो सकता है (या राहत की उम्मीद)
मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स
कुछ इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स पर ड्यूटी में राहत से मोबाइल फोन, स्मार्ट डिवाइस और गैजेट्स आगे चलकर थोड़े सस्ते हो सकते हैं।
डिजिटल और टेक सेवाएं (अप्रत्यक्ष असर)
AI, स्किल लैब और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर से ऑनलाइन पढ़ाई और टेक सेवाओं का खर्च लंबे समय में कम हो सकता है।
खेती की कुल लागत (धीरे-धीरे)
AI आधारित सलाह और तकनीकी सहयोग से फसल नुकसान कम होने की संभावना, जिससे किसानों की कुल लागत नियंत्रित हो सकती है।
क्या महंगा ही रहेगा (या राहत नहीं मिली)
रसोई गैस और खाने-पीने की चीजें
दाल, तेल, दूध, सब्ज़ी जैसी ज़रूरी चीज़ों पर कोई सीधी टैक्स राहत नहीं।
पेट्रोल और डीज़ल
ईंधन पर टैक्स में कोई कटौती नहीं, जिससे ट्रांसपोर्ट और रोज़मर्रा का खर्च ऊंचा बना रहेगा।
मध्यम वर्ग का टैक्स बोझ
इनकम टैक्स स्लैब में कोई बड़ा बदलाव नहीं, यानी सैलरी वही लेकिन महंगाई का दबाव ज्यादा।
किस पर क्या असर पड़ेगा?
मध्यम वर्ग
कुछ टेक्नोलॉजी से जुड़ी चीज़ें आगे चलकर सस्ती हो सकती हैं, लेकिन टैक्स और रोज़मर्रा की महंगाई में राहत नहीं मिलने से जेब पर दबाव बना रहेगा।
EMI, बच्चों की फीस और इलाज का खर्च पहले जैसा ही रहेगा।
गरीब और निम्न आय वर्ग
सरकारी योजनाओं और तकनीक से भविष्य में मदद की बात ज़रूर है, लेकिन आज की महंगाई से राहत के लिए यूनियन बजट में कोई तात्कालिक उपाय नहीं दिखता।
रसोई का खर्च सबसे बड़ी चुनौती बना रहेगा।
कुल मिलाकर सच्चाई क्या है?
- यूनियन बजट 2026-27 आज की महंगाई कम करने का बजट नहीं है।
- यह ज़्यादा तर आने वाले कल की तैयारी पर केंद्रित दिखता है।
लेकिन सवाल यही है कि क्या आम आदमी आज की ज़रूरतें पूरी करते हुए उस कल तक आराम से पहुंच पाएगा?
इस यूनियन बजट 2026-27 में भविष्य सस्ता दिखाया गया है, लेकिन वर्तमान की महंगाई अब भी उतनी ही भारी है।
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