धामी कैबिनेट की बड़ी मुहर: ग्रीन हाइड्रोजन नीति, निजी विश्वविद्यालय और हवाई पट्टियों पर ऐतिहासिक निर्णय
Dehradun, 28 January: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक में बुधवार को 8 बड़े प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक में शिक्षा, ऊर्जा, औद्योगिक विकास, सामरिक सुरक्षा, भूमि नीति और जनकल्याण से जुड़े फैसलों ने उत्तराखंड के विकास रोडमैप को नई दिशा दी है।
कैबिनेट ने राज्य को शिक्षा हब, हरित ऊर्जा केंद्र और सामरिक रूप से मजबूत राज्य बनाने की रणनीति के तहत कई ऐतिहासिक निर्णय लिए। यह नीति राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन 2023 के अनुरूप तैयार की गई है।

कैबिनेट के प्रमुख निर्णय
स्वास्थ्य कर्मियों को जनपद परिवर्तन की अनुमति
स्वास्थ्य कार्यकर्ता/पर्यवेक्षक जिन्होंने अपने मूल संवर्ग में न्यूनतम 5 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है, उन्हें पूरे सेवाकाल में एक बार आपसी सहमति के आधार पर जनपद परिवर्तन की अनुमति मिलेगी। इससे विभागीय संतुलन और कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान में मदद मिलेगी।
भूमि प्राप्ति की नई नीति
राज्य परियोजनाओं के लिए भू-स्वामियों से आपसी समझौते के आधार पर भूमि प्राप्ति प्रक्रिया तय की गई। इससे न सिर्फ मुकदमेबाजी में कमी आएगी बल्कि परियोजनाओं की लागत घटने के साथ ही विकास कार्यों में तेजी आएगी। यह नीति भूमि अर्जन अधिनियम 2013 की जटिल प्रक्रियाओं के विकल्प के रूप में लागू होगी।
प्राग फार्म भूमि पर बड़ा औद्योगिक फैसला
उधमसिंहनगर के प्राग फार्म की 1354.14 एकड़ भूमि सिडकुल को औद्योगिक आस्थान विकास हेतु दी गई भूमि पर अब समान प्रयोजन हेतु सब-लीज (Sub-Lease) की अनुमति होगी — जिससे औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
जनजाति कल्याण विभाग का पुनर्गठन
देहरादून, चमोली, ऊधमसिंहनगर और पिथौरागढ़ में 4 जिला जनजाति कल्याण अधिकारी पद सृजित। इसके लिए सेवा नियमावली में संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी।
भू-जल उपयोग पर नई दरें लागू
गैर-कृषि उपयोग के लिए भू-जल निकासी पर जल मूल्य/प्रभार दरें लागू होंगी।
इसमें शामिल:
- उद्योग
- होटल
- अपार्टमेंट/ग्रुप हाउसिंग
- स्वीमिंग पूल
- वाहन धुलाई केंद्र
- वॉटर पार्क
पंजीकरण शुल्क: ₹5000
उद्देश्य: भू-जल दोहन नियंत्रण + पर्यावरण संरक्षण
देहरादून में निजी विश्वविद्यालय की स्थापना
देहरादून में जी.आर.डी. उत्तराखंड विश्वविद्यालय” की स्थापना को मंजूरी।
लक्ष्य:
- शिक्षा में नवाचार
- शोध को बढ़ावा
- वंचित वर्गों को शिक्षा
- रोजगार सृजन
- राज्य केंद्रित रिसर्च
सामरिक दृष्टि से बड़ा फैसला
चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी) और गौचर (चमोली) हवाई पट्टियों को भारतीय वायु सेना के साथ संयुक्त नागरिक-सैन्य उपयोग हेतु एडवांस लैंडिंग ग्राउंड (ALG) के रूप में रक्षा मंत्रालय को लीज पर हस्तांतरण की मंजूरी।
उत्तराखंड ग्रीन हाइड्रोजन नीति, 2026 को मंजूरी
राज्य में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए “उत्तराखंड ग्रीन हाइड्रोजन नीति, 2026” लागू होगी।
उद्देश्य:
- कार्बन उत्सर्जन में कमी
- नेट-जीरो लक्ष्य
- हरित ऊर्जा उत्पादन
- रोजगार सृजन
- जलविद्युत संसाधनों का उपयोग
- उत्तराखंड को ग्रीन एनर्जी हब बनाना
बुधवार को हुए कैबिनेट फैसले सिर्फ प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि उत्तराखंड के भविष्य का विज़न डॉक्यूमेंट हैं। शिक्षा, ऊर्जा, सामरिक सुरक्षा, औद्योगिक विकास, पर्यावरण संरक्षण आदि सभी फैसले मिलकर राज्य को आर्थिक, सामाजिक और रणनीतिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मजबूत कदम साबित होंगे।
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