माकपा ने बढ़ती घटनाओं पर जताई चिंता, मच्छी बाजार हत्याकांड को बताया सरकारी नीतियों का परिणाम
Dehradun, 03 February: उत्तराखंड में बढ़ती साम्प्रदायिक हिंसा और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने आरोप लगाया कि धामी सरकार की नीतियों और जिम्मेदार पदों पर बैठे नेताओं के गैर-जिम्मेदार बयानों के कारण राज्य में सामाजिक तनाव और हिंसक घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
माकपा ने आरोप लगाया कि धर्म के नाम पर अवांछित तत्वों को खुली छूट दिए जाने के कारण अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़े हैं। कोटद्वार, विकासनगर, ऋषिकेश और हरिद्वार में हुई घटनाओं के बाद देहरादून के मच्छी बाजार में एक युवती की सरेआम हत्या को पार्टी ने इसी बिगड़ती स्थिति का परिणाम बताया।

पुलिस पर लापरवाही का आरोप
पार्टी ने पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि हत्या के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और पुलिस को राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर कानून का निष्पक्ष पालन करना चाहिए।
अंकिता भंडारी हत्याकांड पर संघर्ष जारी
माकपा ने स्पष्ट किया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में सभी दोषियों की गिरफ्तारी तक उसका संघर्ष जारी रहेगा। पार्टी ने इस मुद्दे पर अन्य जनसंगठनों और राजनीतिक दलों के साथ मिलकर आंदोलन तेज करने का भी संकल्प दोहराया।
बैठक में वरिष्ठ नेताओं की भागीदारी
पार्टी के राज्य कार्यालय में संपन्न हुई बैठक की अध्यक्षता शिवप्रसाद देवली ने की। इसमें केन्द्रीय कमेटी सदस्य राजेन्द्र सिंह नेगी, राज्य सचिव राजेन्द्र पुरोहित, सचिवमंडल सदस्य इन्दु नौडियाल, भूपाल सिंह रावत, महेंद्र जखमोला, लेखराज, नितिन मलेठा, अनन्त आकाश, माला गुरूंग सहित अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
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