वर्ल्डस्किल्स में उत्तराखंड का परचम, सानिया और पार्थ ने जीते रजत पदक

शंघाई में चमकी देवभूमि की प्रतिभा, रिटेल सेल्स और इंडस्ट्रियल डिजाइन टेक्नोलॉजी में हासिल किया देश के लिए रजत
देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड की प्रतिभा ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी चमक बिखेरी है। चीन के शंघाई में आयोजित 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता-2026 में उत्तराखंड के दो होनहार युवाओं सानिया जोशी और पार्थ वोहरा ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए रजत पदक हासिल कर प्रदेश का मान बढ़ाया। सानिया ने रिटेल सेल्स, जबकि पार्थ ने इंडस्ट्रियल डिजाइन टेक्नोलॉजी में रजत पदक अपने नाम किया।
22 से 27 सितंबर तक आयोजित प्रतियोगिता में दुनियाभर से करीब 1400 प्रतिभागियों ने 64 कौशल विधाओं में हिस्सा लिया। भारत ने प्रतियोगिता में छह रजत पदक और 20 मेडलियन्स फॉर एक्सीलेंस हासिल किए और विश्व स्तर पर 10वां स्थान प्राप्त किया। वर्ल्डस्किल्स में यह भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा।
इंडियास्किल्स से शंघाई तक का सफर
सानिया और पार्थ की यह उपलब्धि एक लंबी और चुनौतीपूर्ण यात्रा का परिणाम है। दोनों प्रतिभाओं ने इंडियास्किल्स की राज्य, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपने कौशल का प्रदर्शन करते हुए अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर तय किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर उन्हें अगले चरणों के लिए चयनित किया गया और अंततः वर्ल्डस्किल्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला।
इस यात्रा में कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग तथा उत्तराखंड कौशल विकास समिति (यूकेएसडीएस) ने दोनों युवाओं को प्रशिक्षण, बूट कैंप, यात्रा, ठहरने और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में सहयोग दिया।
सानिया ने रिटेल सेल्स में दिखाया हुनर
उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ की रहने वाली 21 वर्षीय सानिया जोशी ने एनआईएफटी पंचकूला से फैशन टेक्नोलॉजी में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है। रिटेल सेल्स की तैयारी के लिए उन्हें मुंबई स्थित एलटीए स्कूल ऑफ ब्यूटी में विशेष प्रशिक्षण और बूट कैंप दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान दृश्य प्रस्तुतीकरण, ग्राहक संवाद, व्यवसाय प्रबंधन, पोस्टर डिजाइन, सीधे प्रसारण के माध्यम से संवाद और ई-मेल संचार जैसे कौशलों पर विशेष रूप से काम किया गया। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में सानिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किया।
स्वर्ण से महज एक अंक दूर रहे पार्थ
देहरादून निवासी 25 वर्षीय पार्थ वोहरा ने इंडस्ट्रियल डिजाइन टेक्नोलॉजी में रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उन्होंने यूपीईएस देहरादून से प्रोडक्ट डिजाइन में स्नातक किया है और वर्तमान में नोएडा स्थित एक कंपनी में इंडस्ट्रियल डिजाइनर के रूप में कार्यरत हैं। पार्थ ने प्रतियोगिता में 721 अंक हासिल किए और स्वर्ण पदक से महज एक अंक पीछे रहे।
पार्थ की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि इंडस्ट्रियल डिजाइन टेक्नोलॉजी उत्तराखंड की राज्य स्तरीय कौशल प्रतियोगिता में शामिल कौशल विधाओं में नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने ट्रैक-2 के माध्यम से प्रतियोगिता में प्रवेश किया और क्षेत्रीय व राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए वर्ल्डस्किल्स के लिए अपना स्थान सुनिश्चित किया।
एनएसडीसी ने भी दिया प्रशिक्षण में सहयोग
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता की तैयारी में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) की ओर से भी दोनों प्रतिभागियों को विशेष सहयोग दिया गया। प्रशिक्षण, आवश्यक उपकरण, आवास, स्टाइपेंड और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के अनुरूप आवश्यक अनुभव उपलब्ध कराया गया। इससे दोनों युवाओं को अपनी तकनीकी दक्षता को और निखारने का अवसर मिला।
कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के सचिव रवि शंकर ने कहा कि सानिया और पार्थ की सफलता कौशल आधारित प्रशिक्षण, संस्थागत सहयोग और युवाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय अवसर उपलब्ध कराने के महत्व को दर्शाती है। विभाग और यूकेएसडीएस की ओर से प्रदेश के युवाओं को कौशल प्रतियोगिताओं के माध्यम से बड़े मंचों तक पहुंचाने के प्रयास निरंतर जारी हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कौशल विकास एवं सेवायोजन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने दोनों युवाओं को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि विश्व के प्रतिष्ठित कौशल मंच पर उत्तराखंड के युवाओं का देश का प्रतिनिधित्व करते हुए पदक जीतना पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। दोनों युवाओं की सफलता प्रदेश के अन्य युवाओं को भी कौशल विकास और उत्कृष्टता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।

The India Vox

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Ravi Priyanshu is a journalist, novelist, and Founder & Editor-in-Chief of The India Vox. With 23+ years of experience, he is dedicated to credible journalism and meaningful storytelling.

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