विकासनगर में कश्मीरी युवकों पर हमले के विरोध में दिया ज्ञापन
Derhradun, 31 January: विकासनगर में जम्मू–कश्मीर से आए दो सगे भाइयों पर हुए कथित क्रूर सांप्रदायिक हमले के विरोध में शुक्रवार को विभिन्न सामाजिक व वामपंथी संगठनों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। यह ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से उपजिलाधिकारी कुमकुम जोशी को दिया गया, जिन्होंने मामले में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
ज्ञापन में बताया गया कि जम्मू–कश्मीर के कुपवाड़ा निवासी 17 वर्षीय किशोर और उसके 19 वर्षीय भाई दानिश पर उस समय हमला किया गया, जब वे परिवार की आजीविका के लिए विकासनगर क्षेत्र में शॉल बेच रहे थे। आरोप है कि हमलावरों ने उनकी कश्मीरी मुस्लिम पहचान जानने के बाद नफरत भरी गालियां दीं और लोहे की रॉड से सिर व शरीर पर हमला किया। हमले में छोटे भाई का बायां हाथ फ्रैक्चर हो गया, जबकि सिर पर गंभीर चोटें आईं। दोनों को गंभीर हालत में दून अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
संगठनों ने कहा कि इस घटना से प्रदेश की शांति, सौहार्द और भाईचारे की परंपरा को गहरा आघात पहुंचा है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि हाल के वर्षों में पहचान आधारित नफरत और हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं, जिन पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। इससे पहले दिसंबर 2025 में सेलाकुई क्षेत्र में त्रिपुरा निवासी एंजेल चकमा की नस्लीय हिंसा में मौत का भी उल्लेख किया गया।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि सर्दियों के मौसम में रोजी-रोटी के लिए उत्तराखंड आने वाले मेहनतकश कश्मीरी परिवारों में इस घटना के बाद भय का माहौल है। साथ ही, कुछ स्थानों पर अतिक्रमण हटाने की आड़ में अल्पसंख्यक व्यवसायियों को कथित रूप से धमकाए जाने के आरोप भी लगाए गए।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें
1. मुख्य आरोपी संजय यादव सहित सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कर कड़ी सजा सुनिश्चित की जाए।
2. पीड़ितों का संपूर्ण इलाज सरकारी खर्च पर कराया जाए और परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।
3. सांप्रदायिक व नस्लीय हिंसा के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू की जाए।
4. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सद्भाव बढ़ाने के ठोस कदम उठाने की अपील।
5. इनायतुल्ला बिल्डिंग सहित अन्य मामलों में कथित धमकी और उत्पीड़न पर प्रभावी रोक लगाई जाए।
इस मौके पर सीपीएम के संरक्षक नवनीत गुंसाई, सचिव अनंत आकाश, सीआईटीयू के महामंत्री लेखराज, एआईएलयू की अनुराधा मंडौला, नेताजी संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रभात डंडरियाल, आंदोलनकारी परिषद के अध्यक्ष सुरेश कुमार सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और अधिवक्ता उपस्थित रहे।
क्या था पूरा मामला?
जम्मू–कश्मीर के कुपवाड़ा जिले से आए दो सगे भाई, जिनकी उम्र 17 और 19 वर्ष बताई गई है, सर्दियों के मौसम में रोज़गार के लिए उत्तराखंड के विकासनगर क्षेत्र में शॉल बेच रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोगों ने उनकी कश्मीरी मुस्लिम पहचान जानने के बाद उनके साथ गाली-गलौज की और नफरत भरे शब्द कहे। इसके बाद हमलावरों ने लोहे की रॉड से दोनों पर हमला कर दिया। हमले में छोटे भाई का बायां हाथ फ्रैक्चर हो गया और सिर पर गंभीर चोटें आईं, जिससे वह लहूलुहान होकर मौके पर ही गिर पड़ा। गंभीर हालत में दोनों को बाद में दून अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। मामले को लेकर पुलिस जांच जारी है।
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