देहरादून में व्यवस्था सुधारने की बड़ी पहलः टास्क फोर्स गठित, दैनिक रिपोर्ट के आधार पर होगा समाधान

36 दिन से अधिक लंबित शिकायतों पर अधिकारियों को चेतावनी
देहरादून : राजधानी में नागरिक सुविधाओं को दुरुस्त करने और व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए स्ट्रीट लाइट, गार्बेज प्वाइंट, मोटर मार्ग, फूड सेफ्टी और विद्युत चोरी की रोकथाम के लिए 20-20 जिला स्तरीय अधिकारियों की पृथक टास्क फोर्स का गठन किया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी टास्क फोर्स दैनिक आधार पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी और संबंधित विभाग प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर समस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करेंगे।
जिलाधिकारी ने टास्क फोर्स को निर्देशित किया है कि वे रात्रि में फील्ड विजिट कर स्ट्रीट लाइटों की स्थिति की जांच करें। जहां भी लाइटें खराब या बंद पाई जाएं, उनकी गूगल लोकेशन और फोटो तुरंत संबंधित विभाग को भेजी जाए, ताकि उन्हें तत्काल ठीक किया जा सके।
बैठक के दौरान नगर निगम क्षेत्र में कूड़ा डंपिंग साइटों की सफाई और प्रमुख सड़कों पर हादसों का कारण बन रहे गड्ढों को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल रिपेयर करने के निर्देश दिए गए हैं।
जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ रोकने के लिए गोदामों, किराना दुकानों, मिठाई की दुकानों, होटलों और ढाबों में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की निगरानी बढ़ाने के आदेश जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, स्लम और इंडस्ट्रियल क्षेत्रों में बिजली चोरी रोकने के लिए संघन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं (आयुष्मान व राशन कार्ड) का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि वर्तमान में इन योजनाओं का लाभ ले रहे अपात्र लोगों को चिह्नित कर उनके नाम तत्काल हटाने की कार्रवाई की जाए।
जनशिकायतों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को हिदायत दी कि शिकायतों का निस्तारण सर्वाेच्च प्राथमिकता पर किया जाए। सीएम हेल्पलाइन पर 36 दिनों से अधिक समय से लंबित मामलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को चेतावनी जारी की और प्राथमिकता के साथ निस्तारण के निर्देश दिए। वहीं, मुख्यमंत्री की घोषणाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश भी जारी किए गए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिला सूचना अधिकारी के माध्यम से विभागों को जिन समस्याओं के निस्तारण हेतु एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी जा रही है उसको दैनिक रूप से उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। इसमें लापरवाही करने वाले अधिकारियों के विरूद्व सख्त एक्शन भी लिया जाएगा।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार, अर्थ एवं संख्या अधिकारी शशिकांत गिरी सहित तमाम जिला स्तरीय अधिकारी प्रत्यक्ष व वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।

📌 यह भी पढ़ें: देश की प्रमुख खबरें

The India Vox

The India Vox Editorial Team उत्तराखंड, राष्ट्रीय, शिक्षा, रोजगार, पर्यटन, स्वास्थ्य और जनहित से जुड़े विषयों पर तथ्यात्मक एवं निष्पक्ष समाचार प्रकाशित करता है। हमारी संपादकीय टीम विश्वसनीय स्रोतों और आधिकारिक सूचनाओं के आधार पर पाठकों तक सटीक जानकारी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

Next Post

विशेष गहन पुनरीक्षण की आयोग की टीम ने की समीक्षा, प्रारूप-7 की आपत्तियों का पारदर्शिता के साथ सावधानीपूर्वक निस्तारण करने पर जोर

मंगल अगस्त 25 , 2026
देहरादून : विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के अंतर्गत चल रहे कार्यों की रैंडम जांच, ऑडिट एवं पर्यवेक्षण के लिए भारत निर्वाचन आयोग की टीम ने मंगलवार को देहरादून जनपद का भ्रमण किया। आयोग की टीम ने जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान, उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह तथा विशेष गहन […]

You May Like

Chief Editor

Ravi Priyanshu

Ravi Priyanshu is a journalist, novelist, and Founder & Editor-in-Chief of The India Vox. With 23+ years of experience, he is dedicated to credible journalism and meaningful storytelling.

Share