तुर्की में मिला फ्रीजियन काल का 2700 साल पुराना देवी मंदिर

तुर्की में मिला फ्रीजियन काल का 2700 साल पुराना देवी मंदिर

तुर्की में उभरी प्राचीन सभ्यता की छाप, 2700 साल पुराना मंदिर आया सामने

Ankara, 08 October: इतिहास की परतों में दबा एक नया रहस्य आखिरकार उजागर हो गया है। तुर्की के डेनिजली क्षेत्र में पुरातत्वविदों ने करीब 2700 वर्ष पुराना एक प्राचीन मंदिर खोज निकाला है, जो फ्रीजियन सभ्यता (Phrygian Civilization) की धार्मिक परंपराओं से जुड़ा बताया जा रहा है। माना जा रहा है कि यह मंदिर मातृ देवी (Mother Goddess) को समर्पित था, वही देवी जिनकी पूजा राजा मिडास के स्वर्ण युग में उर्वरता और प्रकृति की देवी के रूप में की जाती थी।

डेनिजली में मिला मातृ देवी का मंदिर

यह खोज आधुनिक डेनिजली शहर के पास की गई है, जो कभी ओटोमन साम्राज्य के प्रभाव क्षेत्र में था।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, खुदाई के दौरान मंदिर परिसर के पास एक पवित्र गुफा, शिल्प स्मारक, जुड़वा पत्थर की मूर्तियां, अर्पण पात्र (libation vessels) और जल निकासी संरचनाएं मिली हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थल फ्रीजियन धार्मिक परंपराओं, देवी पंथ और सांस्कृतिक आस्थाओं को समझने में एक अहम कड़ी साबित हो सकता है।.

तुर्की में उभरी प्राचीन सभ्यता की छाप, 2700 साल पुराना मंदिर आया सामने
2700 साल पुराना मंदिर आया सामने Image Courtesy: business standard

राजा मिडास के युग से जुड़ी कड़ी

फ्रीजियन सभ्यता का स्वर्ण युग राजा मिडास (King Midas) के शासनकाल में माना जाता है, जो अपनी “जो भी छूए, सोना बन जाए” की कथा के लिए प्रसिद्ध है। इतिहासकारों के अनुसार, मातृ देवी की पूजा की परंपरा बाद में यूनानी और रोमन सभ्यताओं में भी फैल गई। विशेषज्ञों का कहना है कि यह खोज दर्शाती है कि फ्रीजियन धार्मिक आस्था कितनी गहराई तक विकसित थी और उसका प्रभाव भूमध्यसागरीय दुनिया तक फैला था।

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पुरातत्वविदों की टीम का बयान

खुदाई कार्य का नेतृत्व कर रही टीम की प्रमुख प्रोफेसर बिलगे यिलमाज़ कोलांसी ने बताया कि 2700 साल पुराना देवी मंदिर का यह स्थल पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है और इसका स्थापत्य ढांचा मिडास सिटी के मंदिरों से काफी मेल खाता है। उनके अनुसार यह मंदिर फ्रीजियन काल की आध्यात्मिक जीवनशैली और देवी-पूजा की अनुष्ठानिक संरचना को समझने में बेहद अहम साबित होगा।

धार्मिक आस्था और संस्कृति का संगम

इतिहासकारों का मानना है कि फ्रीजियन साम्राज्य के पतन के बाद भी मातृ देवी की पूजा की परंपरा सदियों तक जीवित रही। अब यह खोज उस भूले-बिसरे अध्याय को फिर से जीवन दे रही है, जो कभी प्रकृति, उर्वरता और शक्ति की देवी की आराधना का केंद्र था।

 

स्रोत (Source Credit):

Image Credit: LiveScience / Anadolu Agency (October 2025)

 

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